Wednesday , June 3 2026

केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में हुआ ढाई करोड़ का दवा घोटाला, तीन कर्मी बखास्त, एक निलंबित

-प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट पर केजीएमयू प्रशासन ने की कार्रवाई, विभागाध्यक्ष प्रो अपुल गोयल भी हटाये गये

-घोटाले की रकम की वसूली संविदा कर्मी देने वाली सेवा प्रदाता कम्पनी से किये जाने की तैयारी

सेहत टाइम्स

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के यूरोलॉजी विभाग में हुए करीब ढाई करोड़ के दवा घोटाले में प्रारम्भिक जांच के बाद केजीएमयू प्रशासन ने एक्शन लेते हुए तीन संविदा कर्मचारियों प्रकाश सिंह, हेमंत श्रीवास्तव और सचिन तिवारी को बर्खास्त तथा रेगुलर पोस्ट पर तैनात फार्मासिस्ट अरशद को निलंबित कर दिया है तथा इन चारों के खिलाफ मुकदमा लिखाया गया है। इसके साथ ही विभागाध्यक्ष प्रो अपुल गोयल पद से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर जनरल सर्जरी विभाग के प्रो एचएस पाहवा को कार्यवाहक विभागाध्यक्ष के रूप में तैनात किया गया है। बताया गया है कि घोटाले की रकम की वसूली संविदा कर्मचारी देने वाली सेवा प्रदाता कम्पनी से किये जाने की भी तैयारी चल रही है।

प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केजीएमयू प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी प्रारम्भिक रिपोर्ट दी है, इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गयी है। विस्तृत जांच जारी है। आगे की जांच प्रभावित न हो इसीलिए जांच होने तक प्रो अपुल गोयल को विभागाध्यक्ष पद से हटाया गया है। पता चला है कि किडनी के मरीजों को रजिस्टर में कैंसर का मरीज दिखाकर उनके नाम पर कैंसर की दवाओं में घोटाला किया गया। इसके साथ ही दिवंगत मरीजों के नाम पर भी दवा की खपत दिखायी गयी है।

बताया गया है कि अभी मामले की पूरी जांच कमेटी द्वारा गहनता के साथ की जा रही है। मामले की पूरी तह तक जाया जायेगा और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। मरीजों के हित से खिलवाड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जायेगा।