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स्तनपान की निरंतरता और मातृ गरिमा पर पड़ते प्रभाव के बाद खोला गया ‘ब्रेस्टफीडिंग कियोस्क’

-एसजीपीजीआई के जनरल हॉस्पिटल में इनरव्हील क्लब के सहयोग से स्थापित हुआ समर्पित स्तनपान कक्ष

सेहत टाइम्स

लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई SGPGIMS के जनरल हॉस्पिटल की ओपीडी में आने वाली माताओं को स्तनपान कराने के लिए सुरक्षित और एकांत वातावरण न मिलने के चलते आने वाली दिक्कतों को लेकर स्नातकोत्तर छात्र द्वारा किये गये शोध प्रबंध में यह बड़ी समस्या उजागर हुई थी। इसके पश्चात ही संस्थान में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने तथा रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सुविधाओं को उन्नत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ओपीडी में स्तनपान कक्ष स्थापित किया गया है, इस कक्ष का उद्धाटन आज 25 मई को किया गया।

अस्पताल प्रशासन विभाग द्वारा ‘इनर व्हील क्लब ऑफ लखनऊ अभ्युदय’ Inner Wheel Club of Lucknow Abhyudaya के सहयोग से जनरल अस्पताल परिसर में एक समर्पित ‘ब्रेस्टफीडिंग कियोस्क’ (स्तनपान कक्ष) का सफलतापूर्वक संस्थापन और उद्घाटन मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन के साथ ही मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. देवेंद्र गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. आर. हर्षवर्द्धन, डॉ. बृजेश सिंह (जनरल सर्जन, जनरल हॉस्पिटल), डॉ. प्रेरणा कपूर (वरिष्ठ चिकित्सक, जनरल हॉस्पिटल) और डॉ. मीनाक्षी सिंह (अध्यक्ष, इनर व्हील क्लब) द्वारा संयुक्त रूप से रिबन काटकर किया गया।

स्तनपान कराने वाली मां को पूरा सहयोग और सुरक्षा

इस मौके पर प्रो. धीमन ने कहा कि “किसी भी माँ को अपने बच्चे का पालन-पोषण करने और अपनी गरिमा बनाए रखने के बीच कभी चयन नहीं करना चाहिए। हम संस्थान में भविष्य में आवश्यकता अनुसार ऐसे और कियोस्क स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि प्रत्येक स्तनपान कराने वाली माँ यह महसूस कर सके कि उसे पूरा सहयोग और देखभाल मिल रही है।” आपको बता दें कि स्नातकोत्तर छात्र द्वारा किये गये शोध प्रबंध में यह समस्या उजागर हुई थी। इसके पश्चात ही संस्थान में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने तथा रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सुविधाओं को उन्नत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए यह पहल की गयी है।

रोगी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है संस्थान

इस बारे मे जानकारी देते हुए संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. आर. हर्षवर्द्धन ने बताया कि इस अवसर पर जनरल अस्पताल के सलाहकार चिकित्सक, कर्मचारी, छात्र और इनर व्हील क्लब के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। अपने स्वागत भाषण में, प्रो. आर. हर्षवर्द्धन ने रोगी सुरक्षा (Patient Safety) के लिए उठाये जाने वाले कदमों के प्रति SGPGIMS की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला और कहा कि यह संस्थान अत्याधुनिक चिकित्सा देखभाल के साथ-साथ रोगी-केंद्रित सुविधाएं प्रदान करने के लिए सदैव समर्पित है।

छोटे प्रयास ला सकते हैं बड़ी राहत

डॉ. मीनाक्षी सिंह ने सामुदायिक सेवा के मूल्यों पर जोर देते हुए टिप्पणी की, “समाज की सेवा ही हमारा सच्चा कर्तव्य है। छोटे प्रयास भी लोगों के जीवन में बड़ी राहत ला सकते हैं।” इसी भावना को दोहराते हुए, उन्होंने यह भी नोट किया कि नव-संस्थापित स्तनपान कियोस्क स्तनपान कराने वाली माताओं को अत्यंत आवश्यक आराम प्रदान करेगा और इनर व्हील की सेवा भावना के प्रतीक के रूप में खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि इनर व्हील क्लब, महिलाओं के लिए दुनिया के सबसे बड़े स्वैच्छिक सेवा संगठनों में से एक है, जो मित्रता, सेवा और सशक्तिकरण के लिए समर्पित है।

स्नातकोत्तर छात्र के शोध-प्रबंध में सामने आयी थी समस्या

इस पहल की परिकल्पना अस्पताल प्रशासन विभाग (DoHA) के एक स्नातकोत्तर छात्र द्वारा किए गए शोध-प्रबंध (dissertation) के हिस्से के रूप में एक कड़े शैक्षणिक अध्ययन के बाद की गई थी, जिसका शीर्षक था “रोगी-अनुकूल देखभाल के लिए एक प्रशासनिक पहल: बाह्य रोगी सेटिंग्स में स्तनपान कियोस्क की आवश्यकता का मूल्यांकन”।

71 प्रतिशत महिलाएं चाहती थीं निजता का अहसास

प्रो हर्षवर्द्धन ने बताया कि अस्पताल प्रशासन विभाग द्वारा यह नोट किया गया कि हालांकि स्तनपान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण घटक है, फिर भी माताएं अक्सर तृतीयक-देखभाल अस्पतालों के बाह्य रोगी विभागों (OPDs) के भीतर पर्यावरणीय, सामाजिक और बुनियादी ढांचे से जुड़ी बाधाओं का सामना करती हैं। उन्होंने बताया कि सीमित गोपनीयता, शारीरिक असुविधा और सुरक्षा चिंताएं अक्सर स्तनपान की निरंतरता और मातृ गरिमा को नकारात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। इस अध्ययन से पता चला कि सैंपल में शामिल स्तनपान कराने वाली माताओं में से 61% ने सार्वजनिक ओपीडी क्षेत्रों में स्तनपान कराने के दौरान महत्वपूर्ण असुविधा की बात कही। इसके अलावा, जब सहायक बुनियादी ढांचे के लिए उनकी अपेक्षाओं के बारे में सर्वेक्षण किया गया, तो 71.4% स्तनपान कराने वाली माताओं ने एक निजी स्थान को अपनी पूर्ण रूप से पहली प्राथमिकता के रूप में नामित किया, जिसके ठीक बाद आरामदायक बैठने की व्यवस्था और एक स्वच्छ वातावरण को स्थान दिया गया।

बेबी-फ्रेंडली हॉस्पिटल इनिशिएटिव

अध्ययन के ये निष्कर्ष WHO/UNICEF के बेबी-फ्रेंडली हॉस्पिटल इनिशिएटिव (BFHI) का पुरजोर समर्थन करते हैं। इस प्रमाणित कमी को दूर करने के लिए, चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय ने माताओं के आराम, गोपनीयता, महसूस की जाने वाली सुरक्षा और स्तनपान की निरंतरता को सक्रिय रूप से बढ़ाने के लिए इस स्तनपान कियोस्क की स्थापना को त्वरित गति से आगे बढ़ाया।