-नर्सिंग ऑफीसर सत्येन्द्र कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस (12 मई) व्यक्त किये दिल के उद्गार

सेहत टाइम्स
लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस 12 मई के अवसर पर राजकीय नर्सेज संघ उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार का कहना है विश्व में भारतीय नर्सेज की सबसे अधिक मांग होने के बाद भी अपने देश में नर्सेज की उड़ान को पंख नही मिल पा रहे हैं, वो आज भी अपने हौसले से पूरा आसमान छू रही हैं।
अस्पताल का दिल कही जाने वाली नर्सेस आज अपने ही हॉस्पिटल में उपेक्षित हैं, आज देश के हर राज्य में नर्सेज के लिए वेतन, भत्ते और सुविधाओं की असमानता देखने को मिल रही है प्रदेश के एक ही संस्थान में कार्य कर रही चिकित्सा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा की नर्सेज के वेतन भत्तों में बड़ी असमानता देखने को मिल रही है, उत्तर प्रदेश की नर्सेज आज भी गृह जनपद नियुक्ति, अस्पताल में पालना घर, नर्सिंग देखभाल भत्ता, वेतन विसंगति, समयबद्ध पदोन्नति, एसीपी और आउटसोर्सिंग नियुक्ति जैसी तमाम समस्याओं से प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन और वादों के बाद आज भी जूझ रही हैं।
लेकिन इतना सब होने के बाद भी उनकी सेवा, समर्पण और कर्तव्य के प्रति निष्ठा में कोई कमी नहीं आई है, देश की महान हस्तियां आज भी खुले मंच से नर्सेज की सराहना करती हैं तो उनका मनोबल और ऊंचा हो जाता है, इन तमाम समस्याओं और चुनौतियों के बाद भी आज भारत की नर्सेज अपनी ड्यूटी पर पूरे मनोयोग से जुटी हैं क्योंकि उन्हें पूरा विश्वास है आगे आने वाले समय में हर समस्या का समाधान निकलेगा।

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