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रूमेटोलॉजी, आईएलडी, टीबी, सीसीएम रोगों के उपचार की बारीकियां बतायीं

-आरएमएलआई में दो दिवसीय पोस्ट ग्रेजुएट असेंबली एवं वर्कशॉप इन रूमेटोलॉजी एवं पल्मोनोलोजी सम्पन्न

 

सेहत टाइम्स

लखनऊ। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के जनरल मेडिसिन विभाग द्वारा पोस्ट ग्रेजुएट असेंबली एवं वर्कशॉप इन रूमेटोलॉजी एवं पल्मोनोलोजी का 25 व 26 अप्रैल को आयोजन किया गया। आंतरिक चिकित्सा के प्रमुख क्षेत्रों—रूमेटोलॉजी, इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (ILD), तपेदिक (टीबी) तथा क्रिटिकल केयर मेडिसिन—में चिकित्सा स्नातकोत्तर छात्रों के नैदानिक ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक व्यापक शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विशेष रूप से मैकेनिकल वेंटिलेशन तथा आर्टेरियल ब्लड गैस (ABG) विश्लेषण पर बल दिया गया।

इस कार्यशाला में AIIMS नई दिल्ली, SGPGI तथा KGMU लखनऊ के विशेषज्ञ संकाय सदस्यों ने भाग लिया, जिन्होंने व्याख्यान, केस-आधारित चर्चाओं तथा हैंड्स-ऑन कार्यशालाओं के माध्यम से संरचित सत्र संचालित किए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सैद्धांतिक ज्ञान और वास्तविक क्लिनिकल अनुप्रयोग के बीच की खाई को पाटना था।
रूमेटोलॉजी मॉड्यूल में सामान्य रूमेटोलॉजिकल रोगों के प्रति दृष्टिकोण पर रोगियों पर आधारित हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के माध्यम से चर्चा की गई।

इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (ILD) सत्र में वर्गीकरण तथा रेडियोलॉजिकल पैटर्न, विशेष रूप से HRCT की व्याख्या पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों को विभिन्न ILD पैटर्न की पहचान करने तथा उन्हें क्लिनिकल संदर्भ में समझने का प्रशिक्षण दिया गया। तपेदिक खंड में HRCT में होने वाले रेडियोलॉजिकल परिवर्तनों एवं निदान संबंधी चुनौतियों पर केस-आधारित चर्चाओं के माध्यम से प्रकाश डाला गया।

क्रिटिकल केयर सत्र अत्यंत इंटरैक्टिव रहा, जिसमें रोगी मॉनिटरिंग, शॉक प्रबंधन एवं सेप्सिस प्रोटोकॉल के सिद्धांतों को शामिल किया गया। मैकेनिकल वेंटिलेशन मॉड्यूल में हैंड्स-ऑन प्रदर्शन एवं केस सिमुलेशन के माध्यम से वेंटिलेटर मोड, सेटिंग्स तथा ट्रबलशूटिंग की समझ विकसित की गई। ABG सत्र में एसिड-बेस विकारों की व्यवस्थित व्याख्या एवं क्लिनिकल सहसंबंध पर विशेष बल दिया गया, जिससे प्रतिभागियों को बेडसाइड निर्णय लेने में सहायता मिली।

प्रतिभागियों द्वारा इस कार्यशाला की अत्यधिक सराहना की गई, विशेष रूप से इसके व्यावहारिक दृष्टिकोण एवं क्लिनिकल प्रासंगिकता के लिए। सक्रिय सहभागिता, केस चर्चाओं एवं रीयल-टाइम समस्या समाधान ने इसे एक प्रभावी शिक्षण अनुभव बनाया।

कार्यशाला का आयोजन संस्थान के निदेशक प्रो० (डॉ) सी०एम०सिंह के नेतृत्व में किया गया , कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ एम के मित्रा, पूर्व विभागाध्यक्ष मेडिसिन विभाग केजीएमयू थे, मुख्य वक्ता KGMU के रह्यूमटोलजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ पुनीत एवं AIIMS दिल्ली के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ विजय हांड़ा, एवं एसजीपीजीआई की रेडियोलोजिस्ट डॉ जफर नियाज़ एवं डॉ प्रतीक सिंह, डॉ ओपी संजीव, KGMU के क्रिटिकल केयर विभाग के डॉ साईं सरण, डॉ ज्योति बाजपेई, लोहिया संस्थान के रेडियोलोजिस्ट डॉ तुषांत थे।

इस कार्यशाला का आयोजक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ विक्रम सिंह एवं डॉ निखिल गुप्ता के दिशा निर्देश में हुआ। मेडिसिन विभाग की डॉ ऋतु करौली एवं डॉ मृदु ने कार्यशाला को आयोजित करने में विशेष सहयोग दिया। मेडिंसिन विभाग के डॉ अभिषेक, डॉ पंकज वर्मा, डॉ अनिल उपाध्याय, डॉ ज्योति वर्मा एवम डॉ ज्योति पंकज व अन्य के साथ दूसरे विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद थे।