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एडवांस कैडैवेरिक वर्कशॉप में सिखायीं रीजनल एनेस्थीसिया की बारीकियां

-केजीएमयू में आयोजित वर्कशॉप में एनेस्थीसिया प्रशिक्षण में नया मानक स्थापित

सेहत टाइम्स 

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ में 13–14 दिसम्बर 2025 को अल्ट्रासाउंड-गाइडेड रीजनल एनेस्थीसिया पर आधारित एडवांस कैडैवेरिक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद द्वारा किया गया।

कार्यशाला का आयोजन शरीर रचना विभाग के अध्यक्ष प्रो. नवनीत चौहान एवं एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की अध्यक्ष प्रो. मोनिका कोहली के संयुक्त मार्गदर्शन में किया गया। डॉ. प्रेम राज सिंह, आयोजन सचिव, ने कार्यशाला के संचालन एवं समन्वय में प्रमुख भूमिका निभाई।

डॉ. प्रेम राज सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार की कैडैवेरिक कार्यशालाएं आज के समय में अत्यंत आवश्यक हैं। इससे रेजिडेंट डॉक्टरों को सुरक्षित वातावरण में रीजनल एनेस्थीसिया की प्रक्रियाएं सीखने का अवसर मिलता है। ज्ञात हो रीजनल एनेस्थीसिया (Regional Anesthesia) एक प्रकार का दर्द निवारण है, जिसमें शरीर के एक बड़े हिस्से (जैसे हाथ, पैर या कमर के नीचे का हिस्सा) की नसों को ब्लॉक करने के लिए लोकल एनेस्थेटिक दवा का इंजेक्शन लगाया जाता है।

उन्होंने बताया कि कैडैवर आधारित प्रशिक्षण से एनाटॉमी की स्पष्ट समझ विकसित होती है, जटिलताओं की संभावना कम होती है तथा रोगी-सुरक्षा एवं पेन मैनेजमेंट की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की विशेषता रही देशभर के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों की सहभागिता।

इस कार्यशाला का शैक्षणिक नेतृत्व डॉ. संदीप दीवान, कोर्स डायरेक्टर – CRAB-AORA (कैडैवेरिक रिसर्च एकेडमिक बोर्ड, एकेडमी ऑफ रिजनल एनेस्थीसिया) द्वारा किया गया।

इन विशेषज्ञों ने रेजिडेंट डॉक्टरों को कैडैवर पर प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्रदान किया, जिसमें रीजनल एनेस्थीसिया की विभिन्न प्रक्रियाओं, सुरक्षित तकनीकों तथा पेन मैनेजमेंट में इनके प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यशाला के सफल आयोजन में डॉ. नील कमल एवं डॉ. आयुषी, एनेस्थीसिया कंसलटेंट, केजीएमयू ने भी अहम भूमिका निभाई।