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हेल्दी डाइट वाले नाश्ते संग हुई स्वास्थ्य की जांच

कार्यक्रम को सम्बोधित करते प्रो भट्ट।

आईएमए और आईएससी ने बतायी जीवन जीने की कला

लखनऊ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने रविवार की सुबह एक हेल्थ चेकअप कैम्प लगाया। इस शिविर में आने वाले लोगों को जांच के साथ न सिर्फ सलाह दी गयी बल्कि हेल्दी डाइट वाले नाश्ते का स्वाद भी चखाया।

निरोगी काया का सपना साकार करें : प्रो. एमएलबी भट्ट

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और इंडियन सोसायटी ऑफ क्रोनोमेडिसिन आईएससी के संयुक्त तत्वावधान मेंं आयोजित इस शिविर का उदघाटन किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने किया। प्रो. भट्ट ने जीवनशैली में परिवर्तन लाकर निरोगी काया का सपना साकार करने का सुझाव दिया। उन्हें कहा कि बहुत से रोग ऐसे हैं जो हमारी गलत दिनचर्या के कारण होते हैं, ऐसे रोगों को पूरी तरह से रोका जा सकता है।

गलत दिनचर्या किशोरावस्था में ही बना देती है रोगी : डॉ पीके गुप्ता

आईएमए लखनऊ के अध्यक्ष डॉ पीके गुप्ता ने बताया कि शिविर में आये हुए लोगों को स्वस्थ रहने का मूलमंत्र समझाते हुए उनकी ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, ए1सी, लिपिड प्रोफाइल, एबीटीएम जांचें नि:शुल्क की गयीं।  शिविर में करीब 150 लोगों की जांच की गयी। इस मौके पर डॉ पीके गुप्ता ने कहा कि बाल्यावस्था से ही दिनचर्या का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हमारे देश में बहुत से किशोर गलत दिनचर्या के कारण ही रोगग्रस्त हो जाते हैं। उन्होंने इससे बचाव के तरीके भी बताये। उन्होंने कहा कि पेट निकलना, हाई ब्लड प्रेशर, हाईशुगर, गुड कोलेस्ट्रॉल कम होना तथा ट्राइग्लाइस्राइड्स बढ़ा होना मेटाबोलिज्म बीमारियों के लक्षण है, इनमें से कोई तीन पैरामीटर भी किसी व्यक्ति में पाये जाते हैं तो उसे निश्चित ही उसे कोई न कोई  लाइफ स्टाइल डिजीज है।
डॉ अनुज माहेश्वरी ने इस मौके पर कहा कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर तथा कोलेस्ट्रॉल की बीमारी में दिनचर्या का विशेष महत्व है।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रो जेडी रावत, प्रो नर सिंह वर्मा, ड़ॉ पीके गुप्ता, प्रो एम एल बी भट्ट प्रो विजय कुमार तथा प्रो अनुज माहेश्वरी।

स्वस्थ रहने के पांच सूत्र बताये प्रो. नरसिंह वर्मा ने

केजीएमयू के प्रो. नरसिंह वर्मा ने स्वस्थ जीवन के पांच सूत्र बताये, इनमें सायं का भोजन जल्दी करना, धीरे-धीरे एक कौर को तीस बार चबा-चबा कर खाना, दिन भर में कई बार में थोड़ा-थोड़ा खाना, आधा दिन में दो बार कम से कम कठिन परिश्रम करना तथा तनाव मुक्त होकर पूरी नींद लेना शामिल है। प्रो. वर्मा ने इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रोनोमेडिसिन द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ विजय कुमार ने भी अपने विचार रखे। आईएमए लखनऊ के सचिव डॉ जेडी रावत ने उपस्थित लोगोंं का आभार जताया तथा डॉ वन्दना अवस्थी और अमित ने लोगों को योगसाधना के बारे में बताया।

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