एक और पुस्तकालय में युग ऋषि वांग्मय साहित्य स्थापित

लखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत सेन्ट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी लखनऊ के केन्द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं. श्री राम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 70 खण्डों का वांग्मय साहित्य की स्थापना किया गया। उपरोक्त यह साहित्य गायत्री ज्ञान मंदिर के कार्यकर्ता श्याम दुलारे मौर्या ने अपने पूर्वजों की स्मृति में संस्थान के पुस्तकालय को प्रदान किया। सभी छात्र-छात्राओं को गायत्री ज्ञान मंदिर ने इन्दिरा नगर ने व्यक्तिगत रूप से ‘अखण्ड ज्योति’ पत्रिका भेंट की।
इस अवसर पर वांग्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने वांग्मय साहित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘‘ज्ञान यज्ञ एक श्रेष्ठ कर्म है प्रत्येक प्रतिभावान व्यक्ति को करना चाहिए।’’ इस पवित्र भाव से ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत विभिन्न शिक्षण संस्थानों में गायत्री परिवार द्वारा युग ऋषि वांग्मय साहित्य की स्थापना करायी जा रही। ज्ञान यज्ञ युग धर्म है।

इस अवसर पर उमानंद शर्मा, उदयभान सिंह भदौरिया, डॉ. नरेन्द्र देव, डॉ. अनिल भटनागर, श्याम दुलारे मौर्या, पूरन चन्द्र बेलवाल सहित संस्थान के निदेशक सभी संकाय सदस्य एवं छात्र-छात्राएं सभागार में उपस्थित थे।