त्याग परमार्थ का देवता है यज्ञ, इससे प्रेरणा लेने की जरूरत

 

गायत्री परिवार के तत्वावधान में 51 कुण्डीय यज्ञ का आयोजन

 

लखनऊ. गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में राजधानी लखनऊ स्थित आशियाना कथा पार्क सेक्टर-जे में 51 कुण्डीय यज्ञशाला देव आवाहन एवं पूजन के साथ यज्ञ प्रारम्भ हुआ। यज्ञ का संचालन शांतिकुंज हरिद्धार की 5 सदस्यीय टोली के टोली नायक पं0 श्याम बिहारी दुबे के द्वारा किया गया। यज्ञ संचालन करते हुए श्री दुबे ने कहा कि यज्ञ त्याग परमार्थ का देवता है, यज्ञ में जो प्रदान किया जाता है यज्ञ संचय करके अपने लिये नहीं रखता वह लोक कल्याण के लिए अर्पित कर देता है। हमें इस यज्ञ से प्रेरणा लेकर त्याग, परमार्थमय जीवन जीना चाहिये क्योंकि हमारे पूर्वजों का जीवन त्याग, परमार्थमय था। हम सब ऋषि की संतानें हैं।

मुख्य मीडिया प्रभारी उमानंद शर्मा ने बताया कि सांयकाल सत्र में संगीत, एवं शांतिकुंज के प्रतिनिधि द्वारा उद्बोधन होगा। 8 दिसम्बर को प्रथमसत्र प्रातःकाल के सभी कार्यक्रम यथावत होगें तथा द्वितीय सत्र में विशाल युवा सम्मेलन होगा उस सम्मेलन को श्रद्वेय डॉ. चिन्मय पण्ड्या सम्बोधित करेगें तथा विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित मुख्य अतिथि होंगे।

श्री शर्मा ने कहा युग ऋषि द्वारा रचित सम्पूर्ण साहित्य का विशाल पुस्तक मेला भी उसी यज्ञ ग्राउण्ड में चल रहा है जो 9 दिसम्बर तक चलेगा। उसी स्थान पर युग ऋषि के जीवन दर्शन पर एक प्रदर्शनी भी लगायी गयी है। उन्होंने राजधानी वासियों से अनुरोध किया है कि मानव एवं प्राणी मात्र के कल्याण एवं विश्व शांति के लिए होने वाले धार्मिक अनुष्ठान में भागीदारी करें।