आर्मी की नौकरी में जबड़े की विकृति बाधा बनी तो….

चेहरे की विकृति के साथ ही खाने-पीने में हो रही थी दिक्कत

 

लखनऊ. उस दिन उसे अहसास हुआ कि उसका विकृत जबड़ा उसकी तरक्की में कितना बाधक है. आर्मी में वह लिखित परीक्षा में पास होने के बाद शारीरिक परीक्षण में रिजेक्ट कर दिया गया. उसका जबड़ा सामान्य नहीं था. यानी नीचे का जबड़ा आगे की ओर निकला था जबकि ऊपर का जबड़ा अन्दर की ओर था. सामान्यतया ऊपर का जबड़ा आगे और नीचे का जबड़ा पीछे की ओर होता है. लेकिन यह परेशानी दूर कर दी केजीएमयू के डेंटल सर्जन डॉ. शादाब मोहम्मद ने. बीएसएसओ सर्जरी से उसका नीचे का जबड़ा सामान्य तरीके से कर दिया गया. सर्जरी दो सप्ताह पूर्व हुई थी.

 

डॉ. शादाब ने बताया कि हरदोई निवासी भरत (28) का निचला जबड़ा जन्म से बाहर निकला हुआ था तथा लगातार बाहर की ओर बढ़ रहा था। धीरे-धीरे स्थिति यह बन गयी कि निचला जबड़ा बाहर की ओर से ऊपरी जबड़ा पीछे की ओर हो गया था। डॉ. शादाब ने बताया कि चिकित्सीय भाषा में जबड़े की इस विकृति को क्लास थ्री रिलेशन कहते हैं। उन्होंने बताया कि सामान्य अवस्था में मनुष्य का ऊपरी जबड़ा आगे और निचला जबड़ा पीछे की ओर होता है। परन्तु इस मरीज में इसके विपरीत था। इस विकृति के कारण मरीज का चेहरा खराब हो गया था। जबड़े के आकार में लगातार हो रहे बदलाव से भरत का चेहरा तो विकृत हो रहा था साथ ही उसे भोजन आदि करने में भी दिक्कत हो रही थी।

 

डॉ. शादाब मोहम्मद

डॉ. शादाब ने बताया कि वह आर्मी में नौकरी के लिए गया जहां उसने लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर ली पर जब वह शारीरिक परीक्षण के लिए गया तो जबड़े की इस विकृति के कारण उसको नौकरी नहीं दी गयी उससे कहा गया कि यदि तुम यह विकृति ठीक करा लेते हो तो तुम्हे नौकरी मिल सकती है। परेशान मरीज को इसके बाद पता चला कि केजीएमयू में उसकी यह समस्या हल हो सकती है.

 

वह केजीएमयू के ओरल एन्ड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के विभागाध्यक्ष प्रो. शादाब मोहम्मद की ओपीडी में पहुंचा। प्रो. शादाब ने मरीज को आश्वासन दिया कि सर्जरी से समस्या का समाधान हो सकता है। प्रो. शादाब ने बताया कि इस प्रकार की सर्जरी में खून रिसाव एवं नसों के नुकसान का खतरा रहता है। सभी पहलुओं को जानने के बाद मरीज सर्जरी को राजी हुआ और चिकित्सकों ने सर्जरी का निर्णय लिया। इस सर्जरी में प्रोफेसर शादाब मोहम्मद के अलावा डॉ विभा सिंह, डॉ. हरीराम, डॉ. देबराज, डॉ. रुबिन डॉ. रूप गांगुली, डॉ. तस्वीर फातिमा एवं डॉ विनोद शुक्ला शामिल रहे। सर्जरी के दौरान चिकित्सकों ने मरीज का निचला जबड़ा काटकर पीछे करते हुए दोनों जबड़ों के रिलेशनशिप को फिर से सामान्य बना दिया। प्रो. शादाब ने बताया कि सर्जरी के बाद मरीज बिलकुल सामान्य हो गया है। उन्होंने बताया कि अब मरीज सामान्य रूप से अपना भोजन आदि कर सकता है।