समाज और राष्‍ट्र की सेवा की भावना का बोध कराता है युगऋषि का साहित्‍य

गायत्री ज्ञान मंदिर का ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत 297वां युगऋषि सम्पूर्ण वांग्‍मय साहित्य की स्थापना    

 

लखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान, सुल्तानपुर उ0प्र0 के केन्द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं0 श्री राम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 78 खण्ड वांड़मय साहित्य की स्थापना की गयी। अभियान के तहत यह 297वां सेट स्‍थापित किया गया है। उमानंद शर्मा ने बताया कि अभी हमारा लक्ष्‍य 300 सेट

 

यह वाङ्मय साहित्य गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट की सक्रिय कार्यकर्ता बीपी सविता एवं  तुलसीराम ने अपने स्वर्गीय माता-पिता शिवनाथ याग्निक एवं रामकुंवरि शर्मा की स्मृति में संस्थान के पुस्तकालय को वांग्‍मय साहित्य भेंट किया तथा सभी शिक्षकों को एक-एक अखण्ड ज्योति पत्रिका भेंट की गयी।  डॉ नरेन्द्र देव ने 1000 छात्र-छात्राओं को ऋषि साहित्य का पाकेट बुक भेंट किया गया।

 

इस अवसर पर वांग्‍मय स्थापना के मुख्य संयोजक उमानन्द शर्मा ने वांग्‍मय साहित्य के महत्‍व  पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानवीय मूल्य, व्यावसायिक नैतिकता की शिक्षा ऋषि साहित्य प्रदान करता है और समाज एवं राष्ट्र की सेवा का बोध कराता है। डॉ नरेन्द्र देव, ने गायत्री मंत्र की वैज्ञानिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला, संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ एके श्रीवास्तव ने साहित्‍य प्रदान करने के लिए गायत्री परिवार के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की और छात्र-छात्राओं को सलाह दी कि मानवीय जीवन को उत्कृष्ट बनाने के लिए इस साहित्य का अध्ययन करना चाहिये। राजेश पाण्डेय ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। अनिल भटनागर, उमानंद शर्मा, प्रभाकर सक्सेना, संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ एके श्रीवास्तव सहित संकाय सदस्य एवं एवं छात्र-छात्रायें मौजूद थे।