सरकारी अस्पताल में पहली बार लेप्रोस्कोपी स्टेक्टॉमी से निकाल दी बच्चेदानी

स्पेशल सर्जरी करने वाले डॉ ईयू सिद्दीकी और डॉ.सुरभि सिन्हा की टीम।

लखनऊ। आम तौर पर निजी और बड़े संस्थानों में अत्याधुनिक विधि से होने वाली सर्जरी करने में सरकारी अस्पताल भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में एक महिला की बच्चेदानी को दूरबीन विधि से सर्जरी करके निकाल दिया गया। गुरुवार को डॉ.ईयू सिद्दीकी और डॉ.सुरभि सिन्हा की टीम ने गोंडा निवासी महिला की बच्चेदानी को बिना पेट खोले दूरबीन विधि से सर्जरी करके निकाल दिया है। सर्जरी के बाद मरीज ठीक है।

सरकारी अस्पताल में पूर्ण रूप से लैप्रोस्कोपिक पहली सर्जरी

अस्पताल में निदेशक जैसे जिम्मेदार पद पर काबिज होने के बावजूद सर्जन डॉ ईयू सिद्दीकी सर्जरी में कुछ नया करने की सोच बरकरार रखे हुए हैं। डॉ. सिद्दीकी ने बताया कि परसपुर गोंडा निवासी 38 वर्षीय राधा, बच्चेदानी में ट्यूमर की शिकायत लेकर आई थी। ट्यूमर बढ़ चुका था, इसलिए सर्जरी तत्काल जरूरी थी। मरीज के साथ दिक्कत यह थी कि उसकी दो सर्जरी गॉल ब्लेडर की व आंतों की सर्जरी पहले हो चुकी थीं, इसलिए तीसरा ओपेन ऑपरेशन जटिल था। इसलिए लैप्रोस्कोपिक स्टेक्टोमी प्लान की गई,जो कि किसी भी सरकारी अस्पतालों में नहीं हुई थी।

बिना खून चढ़ाये हो गयी गंभीर सर्जरी

डॉ.सिद्दीकी ने बताया कि सर्जरी जटिल थी मगर सफल रही, इस सर्जरी में मरीज को खून की जरूरत नहीं पड़ी, उन्होंने बताया कि मरीज शीघ्र ठीक हो जायेगी। उन्होंने बताया कि अभी तक वह लेप्रोस्कोप तकनीक से एलएबीएच करते थे, पहली बार स्टेक्टोमी हुई है। मतलब पूर्ण लैप्रोस्कोपिक तकनीक से बच्चेदानी निकाल दी गई। उन्होंने बताया कि बलरामपुर अस्पताल में सर्जरी की आधुनिकतम तकनीक से चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।