महाराष्ट्र की तर्ज पर उप्र में लायेंगे मातृ एवं शिशु मृत्युदर में कमी

चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाओं को डिजिटल बनाया जाएगा : सिद्धार्थनाथ

 

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आज मुम्बई में महाराष्ट्र सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत से मुलाकात कर वहां की स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की तर्ज पर उप्र में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाओं को डिजिटल बनाया जाएगा।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र ने परिवार कल्याण सेवाओं को सुदृढ़ कर मातृ एवं शिशु मृत्युदर में कमी लाने में काफी सफलता अर्जित की है। इस प्रणाली का अध्ययन कर उप्र में लागू किया जायेगा और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जायेगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को भी जनोपयोगी बनाते हुए आवश्यकता के अनुसार बदलाव भी लाया जायेगा। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री श्री सावंत ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए हर सम्भव सहयोग एवं मदद देने का भरोसा दिया।

 

 

श्री सिंह ने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में महाराष्ट्र सरकार ने अच्छी प्रणाली विकसित करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को फील्ड स्तर तक पहुंचाने के लिए कई नीतियां बनाई हैं। इन नीतियों को उत्तर प्रदेश में कैसे लागू किया जाय, इसके बारे में भी विचार-विमर्श किया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में इसका उपयोग किया जायेगा।

 

 

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा जनता में जागरूकता उत्पन्न करने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई है, लेकिन सुधार की गुन्जाइश हर जगह बनी रहती है। एसएनसीयू (सिक न्यूबार्न केयर यूनिट) को और बेहतर कैसे बनाया जाए तथा आईएमआर एवं एमएमआर में कैसे कमी लाई जाय इसके लिए भी महाराष्ट्र सरकार से मदद ली जाएगी।

 

 

स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को पीपीपी माडल से जोड़ने के लिए सम्भावनाएं तलाश करने पर जोर देते हुए कहा कि निजी क्षेत्र की सहभागिता का उपयोग बेहतर ढंग से कैसे किया जा सके। इस पर भी विचार किया जायेगा। राज्य सरकार डाक्टरों की कमी पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्री से स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

 

 

श्री सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री के अनुरोध पर कई सरकारी अस्पतालों तथा ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं का स्थलीय निरीक्षण  करके विभिन्न क्रिया कलापों की जानकारी प्राप्त की गई। टेलीमेडिसन को उत्तर प्रदेश में व्यवहारिक रूप कैसे दिया जाय। इस पर भी श्री सावंत से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विषयों के अलावा महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य सेवाओं के प्रशासनिक ढांचे की अच्छी बातों को उत्तर प्रदेश में कैसे लागू किया जाय, इस पर भी विचार मंथन किया गया।

 

 

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और कारगर बनाने में महाराष्ट्र सरकार का स्वास्थ्य का ढांचा कितना उपयोगी हो सकता है, इस पर भी गहन चर्चा की गई और यहां के सफल कार्यक्रमों और नीतियों को व्यवहारिक रूप कैसे दिया जाए इस बिन्दु पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि भ्रमण के अनुभवों के आधार पर शीघ्र एक कार्ययोजना बनाकर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जायेगा।