महिला का शव कुत्तों के नोचने की घटना में तीन गिरफ्तार, चौथा फरार

जेवर की चोरी के लिए शव फ्रीजर से तो नहीं निकाला गया?

लखनऊ। गोमती नगर स्थित लोहिया अस्पताल में चिनहट की महिला के शव को कुत्तों द्वारा नोचने की घटना में दोषी पाए गए बर्खास्त किये गए चार कर्मचारियों में तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। चौथे की तलाश जारी है।
बताते चलें कि शनिवार को पेट दर्द की शिकायत पर लोहिया अस्पताल में भर्ती हुई चिनहट निवासी 40 वर्षीया महिला उषा तिवारी की शनिवार शाम को मौत हो गयी थी. चूँकि महिला की मृत्यु कुछ विषैला पदार्थ खाने से हुई थी इसलिए शव का पोस्टमार्टम कराया जाना था. ऐसे में शनिवार की शाम को ही अस्पताल के शव गृह में शव को डीप फ्रीजर में रख दिया गया था.

मिली जानकारी के अनुसार घटना के लिए जिन लोगों को जिम्मेदार मानते हुए अस्पताल प्रशासन ने उन्हें बर्खास्त करते हुए पुलिस में रिपोर्ट लिखवायी थी उनमें वार्ड बॉय इस्लाम, सिक्योरिटी सुपरवाइजर आशीष मिश्र तथा सुरक्षा गार्ड पवन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चौथा सिक्योरिटी सुपरवाइजर अनिल सिंह अभी पकड़ से दूर है।

दूसरी ओर अस्पताल के निदेशक डॉ.डीएस नेगी ने बताया कि अस्पताल द्वारा जाच के लिए एडी डॉ. पीआर जायसवाल की अध्यक्षता में समिति गठित की गयी है, इसमें डॉ. शैलेश श्रीवास्तव व डॉ. सुशील श्रीवास्तव सदस्य हैं. गठित समिति ने परिजनों के बयान के बुलाने के लिए आज फ़ोन किया तो महिला के पति ने बताया कि फिलहाल वह घाट पर अस्थियाँ चुनने जा रहे हैं, तथा बयान के लिए अभी 8 दिन नहीं आ पायेंगे.
इस बीच एक बात यह सामने आ रही है कि जैसा कि परिजनों का कहना है कि मृत महिला के शरीर पर जेवर भी थे, ऐसे में एक आशंका यह भी जताई जा रही है कि जेवर निकलने के लिया महिला की लाश डीप फ्रीजऱ से निकाली गयी हो.

परिजनों ने बताया था कि जब वे लोग सुबह शव गृह पहुंचे तो शव बाहर फर्श पर क्षत-विक्षत हालत में पाया गया, शव का चेहरा काफी विकृत हो गया था. मृत महिला के भतीजे आनंद ने इस बारे में बताते हुए यह भी आरोप लगाया था कि महिला की मौत के बाद शरीर से गहने नहीं उतारे गए थे, वह गहने भी गायब हैं. हालांकि सूत्र बताते हैं कि मौत के समय इमरजेंसी में तैनात नर्स का कहना हैं कि जेवर घरवालों ने उतार लिए थे. ऐसे में नर्स के बयान और परिजनों के आरोप दोनों में विरोधाभास नजर आता है. जाहिर है दोनों में कोई एक गलत बयानी कर रहा है. इस विषय में अस्पताल के अधिकारी बताते हैं कि आमतौर पर मौत के बाद ऐसी स्थिति में घरवालों द्वारा जेवर निकाल लिए जाते हैं. फिलहाल यह जांच का विषय है.