एकजुटता का पाठ सभी शैक्षणिक संस्‍थानों में पढ़ाया जाना चाहिये

व़र्ल्‍ड बायोएथिक्स दिवस पर केजीएमयू में कार्यक्रम का आयोजन

लखनऊ। व़र्ल्‍ड बायोएथिक्स दिवस पर आज किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कलाम सेंटर में यूनेस्‍को द्वारा घोषित ‘सॉलिडेरिटी एंड कोऑपरेशन’ वल्र्ड बायोएथिक्स दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य आयोजनकर्ता मेडिकल एजुकेशन की विभागाध्यक्ष प्रो शैली अवस्थी ने कार्यक्रम में आए सभी चिकित्सक एवं छात्र-छात्राओं को धन्यवाद करते हुए चिकित्सा शिक्षा एवं अभ्यास में एकजुटता और सहयोग के महत्व पर बल दिया।

 

डॉ शैली अवस्थी ने कहा कि पहले स्तर पर एकजुटता पारस्परिक स्तर पर है और बंधुता का पर्याय बन सकती है। उन्होंने बताया कि दूसरे स्तर पर यह समूहों के बीच एकजुटता है जो सभी लोगों के लिए लाभ सुनिश्चित करने के लिए है, जो कि सभी मनुष्यों के लिए है तथा तीसरे स्तर पर यह कानून द्वारा है, जो यह सुनिश्चित है कि न्याय सबके लिए है।

 

उन्होंने राष्ट्रीष स्तर पर एकजुटता के लिए आयुष भारत को बेहतरीन उदाहरण बताते हुए कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं वैश्विक स्वास्थ्य के पीछे एकजुटता सिद्धांत था। उन्होंने कहा कि सामाजिक लाभ के लिए एकजुटता आवश्यक है और सभी में इसे अवशोषित किया जाना चाहिए।

 

इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित महिला अधिकार कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद डॉ उर्वशी साहनी ने लैंगिक भेद-भाव एवं एकजुटता के विषय पर कहा कि एकजुटता की अवधारणा हमारे संविधान में है और यही लोकतंत्र का सिद्धांत है। इसके साथ ही उन्होंने इस विषय को लेकर स्कूलों एवं सभी शैक्षणिक संस्थानों में इसकी पढ़ाई कराए जाने की पुरजोर अपील की। इस अवसर पर कंजर्वेटिव दंत चिकित्सा एवं एंडोडॉन्टिक्‍स के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एपी टिक्कू ने इस विषय पर एकजुटता के निर्माण के लिए मुख्य आवश्यकता के रूप में नेतृत्व के महत्व पर जोर दिया।

 

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने यूनेस्को बायोएथिक्स के बारे में चर्चा की तथा सॉलिडेरिटी एंड कोऑपरेशन विषय पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी बात समारोह में रखी। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि एवं चिकित्सा शिक्षकों ने इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया।

 

इस अवसर पर केजीएमयू के कुलपति प्रोफेसर एमएलबी भट्ट ने कार्यक्रम को आयोजित किए जाने पर बधाई दी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डीन फैकेक्टी ऑफ मेडिसिन एंड नर्सिंग प्रोफेसर मधुमति गोयल, पैरामेडिकल साइंसेज के विभागाध्यक्ष डॉ विनोद जैन, पैथोलॉजी विभाग के हेड प्रोफेसर आशुतोष कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर विमला वेंकटेश और डॉ चंचल राणा ने किया।