-वर्ष 2009 में डॉ राकेश कपूर से करा चुका था गुर्दा का इलाज
-गूगल में सर्च कर मेदान्ता हॉस्पिटल पहुंचा डॉ कपूर के पास

सेहत टाइम्स ब्यूरो
लखनऊ। कहते हैं मरीज की संतुष्टि बहुत बड़ी चीज होती है, यही संतुष्टि ही थी जो रीवा (मध्य प्रदेश) में रहने वाले संदीप मिश्रा को मेदान्ता हॉस्पिटल के निदेशक डॉ राकेश कपूर के पास इस कोविड काल में भी ले आयी। संक्रमण से बचने के लिए संदीप ट्रेन या बस की यात्रा न चुनकर अपनी बाइक से ही लखनऊ आ गये।
मिली जानकारी के अनुसार रीवा के रहने वाले संदीप को वर्ष 2009 में गुर्दे में सूजन की शिकायत (कन्जेनाइटल यूपीजे ऑब्स्ट्रक्शन) के चलते संजय गांधी पीजीआई में डॉ राकेश कपूर को दिखाया था। डॉ कपूर ने बताया कि मरीज को उस समय दवादी गयी थी, जिससे उसे फायदा हुआ और वह ठीक हो गया था। उन्होंने बताया कि संदीप के अनुसार उसने डॉ राकेश कपूर के बारे में गूगल में सर्च किया तो उसे पता चला कि डॉ कपूर इस समय मेदान्ता हॉस्पिटल में कार्य कर रहे हैं।
संदीप का कहना है कि आजकल कोविड-19 जबरदस्त तरीके से फैला हुआ है, ऐसे में सुरक्षित रहने के लिए उसने ट्रेन या किसी और सार्वजनिक साधन से आने के बजाय स्वयं बाइक से लखनऊ आने का तय किया। संदीप को बाइक से लम्बी ड्राइव करना अच्छा भी लगता है, संदीप रीवा से बाइक पर सवार होकर वाया चित्रकूट छह घंटे में लखनऊ पहुंच गये।
डॉ कपूर ने बताया कि संदीप का यह लगाव देख मुझे जो संतुष्टि का अहसास हुआ वह अमूल्य है। मैंने उसे देखा तथा आवश्यक जांचें आदि करायीं तथा यथासंभव छूट भी दिलायी है। उन्होंने बताया कि मरीज को एक रात रोका गया है, कल वह वापस चला जायेगा।

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