टीबी के खात्‍मे की जिम्‍मेदारी किसी एक विभाग की नहीं, सम्मिलित प्रयास करने होंगे

विश्‍व टीबी दिवस पर योगी आदित्‍यनाथ ने 56 जिलों के डीआरटीबी केंद्रों का किया उद्घाटन

 

लखनऊ। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा है कि क्षय रोग यानी टीबी के उत्‍तर प्रदेश के पूरी तरह उन्‍मूलन के लिए सम्मिलत प्रयास की आवश्‍यकता है, किसी एक विभाग के ऊपर इसके खात्‍मे की जिम्‍मेदारी नहीं छोड़ी जा सकती है। योगी ने यह भी बताया कि टीबी के मरीज के खानपान का खयाल रखा जाये इसके लिए भारत सरकार ने मरीज को 500 रुपये महीने देने की भी घोषणा की है। मुख्‍यमंत्री शनिवार को विश्‍व टीबी दिवस पर इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम को सम्‍बोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्‍होंने UP TB रोड प्लान के तहत 56 जिलेों के डीआरटीबी  केंद्रों का रिमोट से उद्घाटन किया।

 

लखनऊ के इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में आयोजित विश्व क्षयरोग दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्‍यमंत्री ने कहा कि विश्व में 1 करोड़ से अधिक लोग TB से पीड़ित हैं और इनमें से 27 फीसदी भारत में हैं। देश में टीबी पीड़ितों की सबसे अधिक संख्या उत्‍तर प्रदेश  में है। प्रदेश सरकार TB से मुक्ति के संकल्प को सफल बनाने के लिए पूरी गंभीरता के साथ प्रयास कर रही है। साथ ही बताया कि TB से जुडी विभिन्न योजनायें है जो सरकार चला रही है और आज जनता को जिसकी जानकारी नही है। हमे चाहिए कि उपचार से पहले जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। जागरूकता की कमी के कारण बीमारी हस्तांतरित होती है। यही वजह है कि हम TB से मुक्ति के लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाते।

 

योगी ने कहा जिस प्रकार हम पोलियो से अपने देश को मुक्त कराने में सफल रहे हैं। ठीक उसी प्रकार हम प्रधानमन्त्री के 2025 तक भारत को TB से मुक्त करने में सफल सिद्ध होंगे। यह प्रयास तभी संभव हो सकेगा जब TB उन्मूलन में जनसहभागिता बढ़े। TB पीड़ित इलाज को बीच में छोड़ देता है तो सरकार की टीबी से मुक्ति की योजनाओं पर असर पड़ता है। जरूरी है कि मरीजों को सरकार की योजनाओं से जोड़ा जाए ताकि उपचार को बीच में बंद न किया जा सके।

 

उन्‍होंने कहा कि टीबी को जड़ से मिटाने के लिए इस अभियान में सभी विभागों की जरूरत है इसे किसी एक विभाग के सहारे सफल नहीं बनाया जा सकता। क्षयरोग को जड़ से खत्म करने के लिए शासन और प्रशासन के साथ साथ स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता आवश्यक है। अगर सब मिलकर एक साथ काम करेंगे तो इसपर सफलता अवश्य प्राप्त होगी। मुख्‍यमंत्री ने कहा लोग बीमारी की विवेचना करते हैं। बीमारी की विवेचना नहीं, उपचार होता है। जब बीमारी की विवेचना होगी, इसको अंधविश्वास से जोड़ा जाएगा तो उपचार संभव नहीं है।

 

योगी ने कहा कि टीबी का उपचार बहुत आसान हो गया है, जो तबका इससे सबसे अधिक पीड़ित है, वह पोषण की कमी से जूझ रहा है। भारत सरकार TB पीड़ितों को हर महीने 500 रुपये सहायता देने योजना लागू कर रही है। मुख्‍यमंत्री ने कहा पहले जापानी इंसेफेलाइटिस का टीका जून में लगता था, इस कारण टीका प्रभावी नहीं हो पाता था। टीका प्रभावी हो सके, इसलिए अप्रैल में ही अभियान चलाया जाएगा। भारत सरकार के सहयोग से प्रदेश में इंसेफेलाइटिस का टीका लगाने के लिए 2 अप्रैल से लेकर 16 अप्रैल तक व्यापक अभियान चलेगा।

 

उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2025 तक TB से मुक्ति के लक्ष्य को प्राप्त करने के इस अभियान से जुड़ें। सब जुटेंगे तभी यूपी और देश को टीबी से मुक्त कराया जा सकता है। अभियान से ग्राम्य विकास, पंचायती राज, चिकित्सा शिक्षा, नगर विकास, महिला एवं बाल विकास, बेसिक शिक्षा विभाग को जोड़ा गया है।

 

इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी नड्डा, केंद्रीयस्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, उ.प्र परिवार कल्याण एवं महिला कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, उ.प्र चिकित्सा-स्वास्थ्य एवं ग्राम विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महेंद्र सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह भी मौजूद रहे।