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बढ़ेगी केजीएमयू में कैंसर के इलाज की गुणवत्ता

 

 

इटली में आयोजित कार्यशाला में बताया गया कैसे करें विकिरण की मात्रा की गणना

 

 

लखनऊ. केजीएमयू में अब कैंसर के मरीजों को दिए जाने वाले इलाज की गुणवत्ता में वृद्धि होगी. कैंसर के मरीजों के इलाज के लिए की जाने वाली रेडियोथेरेपी में विकिरण की सटीक गणना किस तरह की जाये, इस बारे में इटली में आयोजित 12 दिवसीय कार्यशाला में केजीएमयू के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नवीन सिंह ने भाग लिया. उन्होंने बताया कि रेडिएशन उपचार में निश्चित किया जाता हैं कि कैंसर कोशिकाओं को सर्वाधिक रेडिएशन मिले तथा सामान्य कोशिकाओं में इसकी मात्रा कम से कम रहे। इस दृष्टिकोण से यह तकनीक उपचार के स्तर की गुणवत्ता की वृद्धि में सहायक रहेगी।

 

इटली में बीती 18 सितम्बर से 29 सितम्बर तक अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी द्वारा आयोजित अंतराष्ट्रीय कार्यशाला में केजीएमयू के रेडियोथेरेपी विभाग के डॉ. नवीन सिंह ने भाग लिया. डॉ. नवीन उत्तर प्रदेश के अकेले प्रतिभागी थे जबकि पूरे भारत वर्ष से सिर्फ 5 युवा वैज्ञानिकों का ही चयन हुआ था. इस कार्यशाला में मरीज को कीमोथेरेपी के समय कैंसर कोशिकाओं तथा सामान्य कोशिकाओं में जाने वाले विकिरण की सटीक गणना के बारे में जानकारी दी गयी.

 

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कैंसर कोशिकाओं में तथा सामान्य कोशिकाओं में जाने वाले रेडिएशन  (विकिरण) की सटीक गणना करना था। इस तकनीक के बारे में डा0 नवीन सिंह ने बताया कि कम्पूयटर प्रोग्राम से बिना मरीज के एक वर्चुअल सिस्टम तैयार किया जाता है,  इसके बाद इलेक्ट्रॉन ओ फोटॉन द्वारा विभिन्न कोणों (¼ कोण) से मिलने वाले विकिरण की गणना कर ली जाती है। इससे यह परिणाम आंकलित किया जा सकता है कि रोगी को कितना विकिरण प्राप्त हुआ है। इस गणना के माध्यम से प्राप्त निष्कर्ष से रोगी की सामान्य कोशिकाओं में जाने वाले विकिरण को नियंत्रित किया जा सकता है ।

 

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