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शासन को गलत सूचना दी संस्‍थान ने, तो इसमें कर्मचारियों की क्‍या गलती ?

-डॉ राम मनोहर लोहिया संस्‍थान के नौ कर्मचारियों का मामला पेचीदा हो रहा

-एकतरफा कार्यमुक्‍त किये जाने के बाद दो माह से वेतन भी नहीं मिल रहा

-कर्मचारी मोर्चा ने किया संघर्ष का ऐलान, अस्‍पताल परिसर में धरना चल रहा

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। डॉ राम मनोहर लोहिया संस्‍थान से शासन को भेजे जाने वाले पत्र में किसी कर्मचारी का नाम गलत लिखा, तो किसी की शैक्षिक योग्‍यता गलत लिखी, किसी का नाम छूट गया, कहने का अर्थ है कि कुछ इसी प्रकार की त्रुटियों का खामियाजा अब इन कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। डॉ राम मनोहर लोहिया संस्‍थान में कार्यरत नौ कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति मसला पेचीदा होता जा रहा है, संस्‍थान और शासन के बीच फाइलों में लम्बित इन कर्मचारियों की दिक्‍कत अब और भी बढ़ गयी है क्‍योंकि जून माह से इनको वेतन भी नहीं मिल रहा है। मौजूदा हालात ये हैं कि लोहिया कर्मचारी अस्तित्‍व बचाओ मोर्चा के तहत कर्मचारियों ने अस्‍पताल के पोर्टिकों में धरना शुरू कर दिया है, इस धरने की सूचना आज अपर मुख्‍य सचिव चिकित्‍सा स्‍वास्‍थ्‍य एवं प्रमुख सचिव चिकित्‍सा शिक्षा को भी कर्मचारियों ने भेज दी है।

इस बारें में पीडि़त कर्मचारियों का कहना है कि आखिर हमारी गलती क्‍या है, अगर शासन को गलत सूचना भेजी गयी तो इसका खामियाजा हमें क्‍यों भुगतना पड़ रहा है, उनका यह भी कहना है कि उसके बाद जब इन सभी बातों के बारे में शासन स्‍तर पर हुई बैठक में सहमति बन चुकी है तथा सही सूचना भी शासन को भेजी जा चुकी है तो इसका निस्‍तारण हो जाना चाहिये, निस्‍तारण तो दूर पहली जून को संस्‍थान की तरफ से एकतरफा कार्यमुक्‍त कर हम लोगों के साथ घोर अन्‍याय किया गया है। ज्ञात हो जिन नौ कर्मचारियों का यह मामला है उनमें तीन ईसीजी टेक्‍नीशियन, दो डार्क रूम सहायक, एक फार्मासिस्‍ट, एक लैब टेक्‍नीशियन, एक डेंटल हाईजिनिस्‍ट तथा एक नेत्र सहायक शामिल हैं।   

उपाध्‍यक्ष अनिल चौधरी ने इस बारे में बताया कि शासन को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि आज 11 अगस्‍त को लोहिया कर्मचारी अस्तित्व बचाओ मोर्चा द्वारा बैठक की गयी, जिसमें प्रत्‍येक विभाग से दो-दो लोग दो-दो घंटे धरना देंगे तथा 13 अगस्‍त को बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। अनिल चौधरी ने बताया कि दिनांक 04-10-2019 को मंत्री, चिकित्सा स्वास्थ्य तथा मंत्री, चिकित्सा शिक्षा के निर्देश पर प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा द्वारा अपने कक्ष में बैठक बुलाई गई, जिसमें 5 बिन्दुओं पर समझौता हुआ था।

उन्‍होंने बताया कि इस समझौते के अनुपालन में सभी त्रुटियों और कमियों को सुधार कर प्रस्‍ताव शासन भेजा जा चुका है, यही नहीं उसके बाद भी संस्‍थान के तत्‍कालीन निदेशकों ने प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा को कई पत्र प्रेषित किये गये, जो विचाराधीन हैं।

पीडि़त कर्मचारियों ने बताया कि महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य द्वारा डॉ राम मनोहर लोहिया संस्थान में सम्बद्ध किये गये कर्मचारियों की सूचना मांगी गई थी, महानिदेशक द्वारा मांगी गयी सूचना को आधार बनाते हुए संस्‍थान की ओर से नौ कर्मचारियों को नियम विरुद्ध तरीके से कार्यमुक्त किया गया। उन्‍होंने बताया कि इसके बाद 9 अगस्‍त को निदेशक कार्यालय में पत्र लेने से मना कर दिया गया तो हम लोग धरने पर बैठने पर मजबूर हैं।

अनिल चौधरी ने बताया कि कर्मचारियों के साथ हो रहे इस उत्‍पीड़न के विरोध में सभी कर्मचारियों ने निन्दा प्रस्ताव पास किया और बैठक में  विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया कि 12 अगस्‍त से सभी विभागों के दो-दो कर्मचारी तथा नर्सिंग के 5 कर्मचारी दो-दो घण्टे धरनास्थल पर बैठेंगे।

उन्‍होंने बताया कि 04-10-2019 के समझौते का पालन और 01-06-2021 को नियम विरुद्ध कार्यमुक्त किये गये आदेश को निरस्त न किया गया तो दिनांक 13-08-2021 को पुनः मोर्चा की बैठक कर आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जायेगा। यदि शासन/प्रशासन द्वारा किसी प्रकार का कोई दण्डात्मक कार्यवाही मोर्चा के सदस्यों पर किया जाता है तो तत्काल प्रभाव से सभी कार्य बन्द कर दिया जायेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संस्थान प्रशासन तथा शासन की होगी। 

इस बैठक में मुख्य रूप से राम मनोहर कुशवाहा, राजेश शुक्ला, गुलाम रब्बानी, कमलेश गौतम, उमेश पाटिल, राजेश श्रीवास्तव, श्रद्धा शुक्ला, डी0एस0 पाण्डेय, अनिल कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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