-समर विहार कॉलोनी में तीन नवविवाहित जोड़ों के साथ मनाया गया लोहड़ी का त्योहार

सेहत टाइम्स
लखनऊ। गत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी लोहड़ी का त्योहार पारंपरिक ढंग से सेंट्रल पार्क में तीन नवविवाहित जोड़ों के साथ मनाया गया। वरिष्ठ पत्रकार मनमोहन शर्मा के सुपुत्र मोहित शर्मा ऋषि एवं पुत्र वधू सोनम शर्मा ने अग्नि प्रज्ज्वलित करके लोहड़ी की परिक्रमा की, साथ ही शरद श्रीवास्तव एवं अनिल पुष्करणा ने भी अपने पुत्रों के विवाह होने की खुशियाँ बांटी।
यह जानकारी देते हुए समर विहार कॉलोनी सोसाइटी के अध्यक्ष कृपाल सिंह ऐबट ने बताया कि लोहड़ी पौष माह का प्रसिद्ध पर्व है और इसके अगले दिन से ही पंजाबियों का माघ महीना प्रारंभ हो जाता है। फसलें काटी जाती हैं और अच्छी फसल होने पर खुशियाँ मनाई जाती हैं। लोहड़ी की खुशी और बढ़ जाती है जब परिवारों मे विवाह होते हैं या बच्चे पैदा होते हैं और उनकी पहली लोहड़ी होती है। लोहड़ी की अग्नि का प्रज्ज्वलन उन्ही लोगों से कराया जाना शुभ माना जाता है फिर वो लोहड़ी की परिक्रमा करके प्रसाद वितरण करते हैं। इस दिन सरसों का साग मकई की रोटी, गुड़, खजूर, गन्ने का रस, खीर और रात मे खिचड़ी खाई जाती है।
लोहड़ी का इतिहास “दुल्ला भट्टी” के साथ जुड़ा हुआ है जो पंजाब का पहला “राबिन हुड” कहा जाता है। दुल्ला भट्टी का पूरा नाम अब्दुल्ला खान भट्टी था जिसने मुगल बादशाह अकबर के विरुद्ध बगावत का बिगुल बजाया जिससे नाराज होकर इसके परिवार को मौत के घाट उतारा गया। दो हिंदू लड़कियाँ सुंदरी और मुंदरी को मुगल सरकार के अधिकारी अगवा करके ले गये थे उन्हे दुल्ला भट्टी ने छुड़ाया और अधिकारी को मार गिराया। बाद मे हिंदू रीति रिवाजों से इन लड़कियों का विवाह भी कराया। इस पुनीत कार्य के लिए दुल्ला भट्टी का नाम आज तक अमर है। इसीलिए लोहड़ी पर यह गीत गाया जाता है ” सुंदर मुंदरिये हो, तेरा कौन बेचारा हो। दुल्ला भट्टी वाला हो, दुल्ले धी बिहाई हो, शेर शकर पाई हो।”
इस अवसर पर समर विहार निवासियों के अतिरिक्त पार्षद पति गिरीश मिश्रा, गणमान्य अतिथि डा. गीता खन्ना तथा डा. अनिल खन्ना उपस्थित थे। सूक्ष्म जलपान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ।
