-मांगों पर पूर्व में हुई सहमति के पत्र की प्रतियां जलायेंगे आंदोलनकारी
-शासनादेश न होने के विरोध में 9 अक्टूबर से चल रहा है रोज दो घंटे कार्य बहिष्कार

सेहत टाइम्स
लखनऊ। राजकीय नर्सेस संघ, उत्तर प्रदेश ने नर्सिंग संवर्ग की 13 सूत्रीय लंबित मांगों के निस्तारण में हो रही अनावश्यक देरी तथा शासन स्तर पर सहमति प्रदान की गई पांच प्रमुख मांगों पर अब तक शासनादेश निर्गत न होने के विरोध में आगामी 7 नवम्बर 2026 को पूरे प्रदेश में काला दिवस मनाने का निर्णय लिया है।
संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि संघ द्वारा पूर्व में प्रेषित पत्र 26.09.2026 के क्रम में शासन स्तर पर नर्सिंग संवर्ग की 13 सूत्रीय मांगों एवं समस्याओं के निराकरण के संबंध में वार्ता हुई थी, जिसमें पांच प्रमुख मांगों पर सहमति प्रदान की गई थी। इसके बावजूद लगभग एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी संबंधित शासनादेश जारी नहीं किए गए हैं। इससे प्रदेश के नर्सिंग संवर्ग में भारी आक्रोश एवं निराशा व्याप्त है।


धरना-प्रदर्शन एवं घेराव भी हो चुका
उन्होंने बताया कि राजकीय नर्सेस संघ के नेतृत्व में 9 अक्टूबर से प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 21 अक्टूबर को दो घंटे का कार्य बहिष्कार तथा 22 अक्टूबर को लखनऊ स्थित स्वास्थ्य भवन, महानिदेशालय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं पर विशाल धरना-प्रदर्शन एवं घेराव किया गया था। उक्त प्रदर्शन के दौरान महानिदेशक द्वारा मांगों के संबंध में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस आदेश जारी नहीं हुआ है।
संघ की प्रमुख मांगों में शामिल हैं।
1. नर्सिंग संवर्ग को गृह जनपद में तैनाती एवं स्थानांतरण की सुविधा।
2. निदेशालय से चिकित्सालय स्तर तक नर्सिंग संवर्ग के उच्च पदों पर पदोन्नति।
3. चिकित्सालयों में नर्सिंग संवर्ग के लिए पालनाघर (क्रेच) की व्यवस्था।
4. उच्च शिक्षा के लिए सवैतनिक अध्ययन अवकाश की सुविधा।
5. उच्चीकृत जिला चिकित्सालयों को मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित किए जाने पर कार्यरत नर्सिंग संवर्ग के हितों का संरक्षण एवं उचित तैनाती।
संघ के महामंत्री ने कहा कि आगामी 7 नवम्बर को प्रदेश के सभी जनपदों के चिकित्सालयों एवं राजकीय मेडिकल कॉलेजों में काला दिवस मनाते हुए शासन की सहमति के बावजूद लंबित पांच मांगों जिस पर शासन की सहमति पत्रों की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेशभर में लगातार दो घंटे का कार्य बहिष्कार भी जारी रहेगा।
उन्होंने उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ब्रजेश पाठक तथा शासन के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि नर्सिंग संवर्ग की जायज एवं सहमत मांगों पर तत्काल शासनादेश निर्गत कराए जाएं, जिससे प्रदेश की लाखों जनता को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले नर्सिंग कर्मचारियों में व्याप्त आक्रोश समाप्त हो सके। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक रूप दिया जाएगा

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