-ब्रह्माकुमारीस जानकीपुरम में आईटीबीपी, पुलिस और पीएसी के जवानों-अधिकारियों को सिखायी गयी तनावमुक्त जीवन जीने की कला

सेहत टाइम्स
लखनऊ। मेमोरी मैनेजमेंट गुरु डॉ ईवी स्वामीनाथन ने तनाव मुक्ति के विशेष टिप्स देते हुए कहा है कि अगर हम अंदर से सशक्त हैं तो किसी भी प्रकार के तनाव का सामना कर सकते हैं। इसके लिए मेडिटेशन यानी ध्यान तनाव और स्वयं को सशक्त करने में कारगर साबित हुआ है।
डॉ स्वामीनाथन ने यह बात 25 जुलाई को ब्रह्माकुमारीस जानकीपुरम लखनऊ में पुलिस सुरक्षा बलों के अधिकारियों एवं जवानों के लिए आयोजित तनाव मुक्ति और जीवन प्रबंधन के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में अपने सम्बोधन में कही। इस कार्यक्रम में भारतीय हिमवीर भारत तिब्बत सीमा पुलिस ( ITBP ) के जवानों के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस और पी ए सी के जवानों और अधिकारियों को मिलाकर लगभग 300 लोग लाभान्वित हुए।
जानकीपुरम सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी सुमन के अनुसार इस कार्यक्रम में डॉ स्वामीनाथन ने बताया कि तनाव के कारण स्वभाव में नीरसता व उदासी, चिड़चिड़ापन आ जाने से अत्यन्त भावुकता आ जाती है। बात-बात में रोना, गुस्सा, नफरत, घृणा, ईर्ष्या स्वभाव ही बन जाता है। कई बार तो जोश में आकर बड़े से बड़ा अपना ही नुकसान कर लेते हैं, जिससे तन व मन दोनों का बैलेंस बिगड़ सकता है। इस सारी बातों का अगर सही तरीके से अवलोकन न किया जाये तो स्थितियां अत्यन्त घातक हो जाती है।

हर परिस्थिति में शांत और खुश रहने की कला सिखायी
ब्रह्माकुमारीस जानकीपुरम में अगले दिन शुक्रवार को भी एक दिवसीय माइंड मेमोरी और ध्यान का कार्यक्रम आयोजित किया गया इसमें लखनऊ यूनिवर्सिटी के लॉ फैकल्टी डॉ बंशी सिंह, जानकीपुरम विस्तार समिति के अध्यक्ष विनायक और क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद थे। इस कार्यक्रम में डॉ स्वामीनाथन ने राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास द्वारा हर परिस्थिति में शांत और खुश रहने की विधि बताई और श्रेष्ठ जीवन जीने की कला सिखाई।
ब्रह्माकुमारी सुमन ने बताया कि ब्रह्माकुमारीस जानकीपुरम ऐसे तनाव मुक्ति कार्यक्रम हर महीने आयोजित करती रहती है और समाज के हर वर्ग को मेडिटेशन सिखा कर सशक्त बनाने की निशुल्क सेवा करती है।

