देखिये यूपी में एनएचएम का खेल 90 में 8 नंबर पाने वाला पास, 64 वाला फेल

 

नर्स और अन्य पदों के लिए हुई परीक्षा के जारी रिजल्ट देख सबके उड़े होश

 

लखनऊ. 90 में से 8 नंबर पाने वाला कैंडिडेट पास और 90 में से 64 अंक पाने वाला फेल. यह पढ़कर चौंक गए न ? लेकिन यह सच है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन (एनएचएम) के तहत नर्सों और एएनएम  के पदों पर भर्ती को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। आरोप है कि परीक्षा में पास करने के लिए रुपये वसूले गए हैं। इस खुलासे से मंत्री से लेकर प्रशासनिक हलकों तक में हड़कंप मच गया है, और अब इस पर लीपापोती करनी शुरू कर दी गयी है.

ज्ञात हो बीते 5 नवंबर को एनएचएम के तहत नर्स समेत अन्य पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके लिए जुलाई में आवेदन मांगे गए थे। बीती 22 दिसंबर को परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है, जिसमें भारी गड़बड़ी सामने आई है। उत्तीर्ण होने के लिए जरूरी अंक तक न पाने वाले आवेदकों का चयन कर लिया गया है जबकि 50 प्रतिशत से भी ज्यादा नंबर पाने वालों को फेल कर दिया गया है।

एनएचएम के तहत प्रदेश भर में एएनएम, स्टाफ नर्स, पीआरओ, लैब टेक्नीशियन और लैब अटेंडेट के करीब 4688 पदों पर संविदा के तहत भर्ती के लिए 22 जुलाई, 2017 को वैकेंसी निकाली गई थी। इनमें एएनएम पदों के लिए 2809 पद, स्टॉफ नर्स पदों के लिए 1386 पद, पीआरओ के लिए 18 पद तथा लैब टैक्नीशियन के 409 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया था.

जब इस मामले को लेकर हड़कम्प मचा तो स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह की सफाई सामने आई है. मंत्री के अनुसार भारती के विज्ञापन जिलावार निकाले गए थे. इसी तरह जिलावार खाली पदों के अनुसार ही रैंकिंग बनायी गयी है. उनका कहना है कि जिस जिले में जिस अभ्यर्थी के नंबर ज्यादा थे, उसे सेलेक्ट किया गया है. उनका कहना है कि सिलेक्शन वाले कम नंबर वाले कैंडिडेट से ज्यादा नंबर पाने वाले जिन अभ्यर्थियों का चयन नहीं हुआ है वे दूसरे जिलों के हैं.

 

अब सवाल यह उठता है कि अगर कैंडिडेट उपलब्ध नहीं हैं तो क्या 8 नंबर पाने वाले का सिलेक्शन हो जायेगा ? इस प्रश्न को लेकर जब प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी से बात की तो उनका कहना था कि दरअसल नियमानुसार रिजल्ट बनाते समय मेरिट का कट ऑफ तैयार किया जाना था, इस कट ऑफ से कम नंबर पाने वालों को इंटरव्यू में शामिल नहीं किया जाना है, कट ऑफ निर्धारित किये बिना रिजल्ट घोषित करने के लिए एनआरएचएम जिम्मेदार है. उन्होंने बताया कि जनरल मैनेजर एचआर पर काररवाई की जा रही है. उनका कहना था कि किसी भी अपात्र कैंडिडेट्स को भर्ती में शामिल नहीं किया जाएगा. यहाँ सवाल यह भी उठता है कि जब क्लास 3 और क्लास 4 के रिक्रूटमेंट में इंटरव्यू की प्रक्रिया समाप्त हो गयी है तो इंटरव्यू कैसे लिए जा सकते हैं. हड़कम्प मचने के बाद निदेशक एनएचएम द्वारा जारी एक प्रेस नोट में कहा गया है कि न्यूनतम कट ऑफ़ मेरिट सामान्य वर्ग-न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक, अन्य पिछड़ा वर्ग 30 प्रतिशत अंक, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति- 24 प्रतिशत अंक प्रचलन में है। उपरोक्त के आधार पर पैरामेडिकल भर्ती हेतु प्रचलित व्यवस्था को लागू कर संशोधित परिणाम यथा शीघ्र घोषित किया जायेगा।