Tuesday , November 16 2021

रेडियोलॉजिस्‍ट की कमी 400 टेली रेडियोलॉजी सेन्‍टर से होगी पूरी

उत्‍तर प्रदेश में चल रहे 100 जन औषधि केंद्रों पर दवाओं की उपलब्‍धता होगी सुनिश्चित

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश भर में क्रियान्वित 100 औषधि केन्द्रों में दवाइयों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में होनी चाहिए, साथ ही औषधि केन्द्रों में दवाइयों का उचित प्रदर्शन भी होना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में रेडियोलाजिस्ट की कमी को टेली रेडियोलोजी के माध्यम से जल्द से जल्द से पूरा कर लिया जाएगा।

 

सिद्धार्थ नाथ सिंह आज जनपथ स्थित विकास भवन में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के कार्यालय कक्ष में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रेडियोलाजिस्ट की कमी को टेली रेडियोलोजी के माध्यम से जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा। चूँकि, उत्तर प्रदेश काफी बड़ा प्रदेश है इसलिए टेली रेडियोलोजी को 3 क्लस्टर में बांटा गया है। उन्होंने कहा कि आगामी नवम्बर माह तक प्रदेश भर में टेली रेडियोलाजी के 400 केंद्र खुल जाएंगे, जिसके माध्यम से रेडियोलाजिस्ट की कमी को पूरा किया जाएगा।

 

श्री सिंह ने बताया कि महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के माध्यम से संयुक्त निदेशक सभी जनपदों में अस्पतालों का औचक निरीक्षण करेंगे। इस औचक निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक देखेंगे कि अस्पताल में डॉक्टर्स मरीजों को दवाइयां कहाँ से लिख रहे हैं। ऐसे में यदि कोई भी डॉक्टर बाहर की दवाई लिखता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कारवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों के लिए डॉक्टर्स के साथ-साथ सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) भी जिम्मेदार होंगे।

 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश के दूरदराज के इलाकों तक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिगत 170 मोबाइल मेडिकल यूनिट का टेंडर हो चुका है, जिसमें से 100 मोबाइल मेडिकल यूनिट दिसम्बर माह तक शुरू हो जाएँगी। उन्होंने बताया कि एक मोबाइल मेडिकल यूनिट में वाहन ड्राइवर, डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स, लैब टेक्नीशियन की व्यवस्था की जाएगी। इन मोबाइल यूनिट के माध्यम से प्राथमिक उपचार, संक्रामक व गैर संक्रामक बीमारियों की स्क्रीनिंग, बेसिक लैब टेस्ट आदि सेवाएं दी जाएंगी। ये मोबाइल मेडिकल यूनिट पीपीपी मोड पर चलाई जाएंगी।

 

श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद को 1 शव वाहन उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक 40 शव वाहन दिए जा चुके हैं और 30 शेष शव वाहन जल्द ही उपलब्ध कराये जाएंगे।

 

समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी, मिशन निदेशक  (एन.एच.एम.) पंकज कुमार, सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य  वी. हेकाली झिमोमी, विशेष सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य  जी.एस. नवीन कुमार, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पद्माकर सिंह उपस्थित थे।

 

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