विश्‍व की रिह्यूमेटोलॉजी सोसाइटी में चुने गये प्रो सिद्धार्थ दास साउथ एशिया से पहले व एकमात्र व्‍यक्ति

केजीएमयू में रिह्यूमेटोलॉजी के जनक का सफर इंटरनेशनल सोसाइटी के निदेशक मंडल तक पहुंचा

 

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍व विद्यालय के रिह्यूमेटोलॉजी विभाग के हेड प्रोफेसर सिद्धार्थ कुमार दास को ऑस्टियोआर्थराइटिस रिसर्च सोसाइटी इंटरनेशनल (ओएआरएसआई) के निदेशक मंडल के रूप में निर्वाचित किया गया है। प्रो दास दक्षिण एशिया से यह सम्मान पाने वाले पहले और एकमात्र व्यक्ति हैं।

 

आपको बता दें कि ओएआरएसआई वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य देखभाल के पेशे से जुड़े लोगों के लिए प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो अनुसंधान, शिक्षा और नए ज्ञान के विश्वव्यापी प्रसार के प्रचार और प्रस्तुति के माध्यम से ऑस्टियोआर्थराइटिस की रोकथाम और उपचार पर केंद्रित है।

 

प्रोफेसर दास सोसाइटी फॉर ऑस्टियोआर्थराइटिस रिसर्च (एसओएआर) के संस्थापक अध्यक्ष भी हैं। डॉ दास ने ऑस्टियोआर्थराइटिस के अनुसंधान और उपचार को प्रोत्साहित करने के लिए भारत में ऑस्टियोआर्थराइटिस के क्षेत्र में सभी शोधकर्ताओं को एक साथ लाने के लिए SOAR बनाया। लखनऊ में ओएसीओएन के नाम पर एसओएआर की पहली कांग्रेस का आयोजन किया गया था। उन्होंने ऑस्टियोआर्थराइटिस के क्षेत्र में अभिनव शोध किया है। आपको बता दें कि डॉ दास ने 1986 में मेडिसिन विभाग में एक रिह्यूमेटोलॉजी क्लिनिक शुरू किया और 2006 में केजी मेडिकल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर दास के प्रयासों द्वारा रिह्यूमेटोलॉजी का एक पूर्णरूप से विभाग बनाया गया था। प्रो दास को केजी मेडिकल यूनिवर्सिटी से “लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड” भी दिया गया है।