केजीएमयू की प्रो दिव्‍या मेहरोत्रा के अनुसंधान को विश्‍व के ‘टॉप 10’ में जगह

जबड़े के पुर्ननिर्माण, चेहरे की विकृतियों को ठीक करने के लिए मेडिकल ग्रेड इम्प्लांट तैयार कर रहीं

डॉ दिव्‍या मेहरोत्रा

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग की प्रोफेसर और डेंटल साइंस फैकल्‍टी की वाइस डीन डॉ दिव्‍या मेहरोत्रा द्वारा मरीजों के जबड़े का पुर्ननिर्माण, चेहरे की विकृतियों को ठीक करने के लिए मेडिकल ग्रेड इम्प्लांट तैयार करने के अनुसंधान कार्य को ब्रिटिश काउंसिल द्वारा वित्त पोषित टॉप 10 वैश्विक अनुसंधान परियोजनाओं में से एक के रूप में चुना गया है। परियोजना को यूके इंडिया एजुकेशन एंड रिसर्च इनिशिएटिव UKIERI के हितधारकों के लिए इस वर्ष के कार्यक्रम की प्रगति और प्रभाव से अवगत कराने के लिए प्रदर्शित किया जाएगा।

यह जानकारी प्रो दिव्‍या ने दी। आपको बता दें कि यूके इंडिया एजुकेशन एंड रिसर्च इनिशिएटिव द्वारा वित्त वर्ष 2017-18 में 2 साल की अवधि के लिए, भारतीय पक्ष की अन्वेषक, प्रो दिव्या मेहरोत्रा  और यूके के पक्ष के अन्वेषक, डोमिनिक एगबीर, कार्डिफ़ मेट्रोपॉलिटन यूनीवर्सिटी, कार्डिफ़ यूके इस परियोजना पर कार्य कर रहे हैं।

UKIERI विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के माध्यम से वित्त पोषण के भारतीय पक्ष और ब्रिटिश काउंसिल के माध्यम से ब्रिटेन के वित्तपोषण के साथ रोमांचक विषयों पर अनुसंधान में एक-दूसरे को सहयोग कर रहे हैं।

इस परियोजना को अप्रैल 2018 में शुरू किया गया था। इस अवधि के दौरान कार्डिफ यूके के 3 वैज्ञानिकों की एक टीम ने सितंबर 2018 की शुरुआत में केजीएमयू और सितंबर के अंत में 2018 के अंत में भारतीय टीम के 4 सदस्यों ने यूके का दौरा किया था।