इस तरह सही अनुपात में तैयार करें काढ़े का सूखा पाउडर, बढ़ायें इम्‍यूनिटी

-राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश की आयुष इकाई के महाप्रबंधक डॉ. रामजी वर्मा की सलाह

डॉ. रामजी वर्मा

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। आयुर्वेद में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के एक से एक नायाब प्राकृतिक तरीके मौजूद हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख है आयुष क्वाथ यानि काढ़ा, लेकिन यह तभी सबसे अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है जब इसमें प्रयुक्त होने वाली सामग्री की मात्रा सही हो। इसके अलावा च्यवनप्राश और गोल्डन मिल्क (दूध-हल्दी) भी कोरोना वायरस समेत तमाम ऐसी संक्रामक बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं जो कि रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के चलते लोगों को घेर लेती हैं।

​राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश की आयुष इकाई के महाप्रबंधक डॉ. रामजी वर्मा का कहना है कि रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिए आयुष क्वाथ (काढ़ा) को चार प्रमुख औषधीय जड़ी-बूटियों-तुलसी की पत्ती, दालचीनी, सोंठ और कृष्ण मरीच (काली मिर्च) मिलाकर तैयार करना सबसे उपयुक्त रहता है। इसके लिए तुलसी पत्ती चार भाग, दालचीनी दो भाग, सोंठ दो भाग और काली मिर्च का एक भाग होना सबसे उपयुक्त होता है।

उन्‍होंने बताया कि काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले सभी सूखी सामग्रियों से मोटा पाउडर बना लें, तीन ग्राम की पाउच या टी बैग बनाएं या 500 मिलीग्राम पाउडर की गोली बनाएं। 150 मिलीलीटर उबले पानी में इसे घोलकर चाय की तरह एक या दो बार सेवन कर सकते हैं। स्वाद के लिए इसमें गुड़/द्राक्षा/नींबू का रस मिला सकते हैं। इसके अलावा सुबह 10 ग्राम (एक चम्मच) च्यवनप्राश का सेवन करना भी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। मधुमेह रोगियों को शुगर फ्री च्यवनप्राश लेना चाहिए।

गोल्डन मिल्क

150 मिलीलीटर गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर पीने से भी शरीर को रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है। गुनगुना पानी पीना भी फायदेमंद हो सकता है। इस तरह आयुर्वेद के नुस्खों को आजमाकर और ध्यान व प्राणायाम को अपने जीवन में शामिलकर लोग निरोगी काया पा सकते हैं।

बरतें जरूरी सावधानी

इसके अलावा कोरोना वायरस से बचने के लिए जब भी बाहर निकलें मुंह व नाक को मास्क/गमछा/रूमाल या स्कार्फ से अच्छी तरह अवश्य ढंकें। हाथों को बार-बार साबुन-पानी से धोते रहें और नाक व मुंह को न छुएं। एक दूसरे से दो गज की दूरी रखना भी बहुत जरूरी है। ये छोटे-छोटे उपाय करके कोरोना को मात दी जा सकती है।