Friday , July 30 2021

प्रदीप गंगवार जान को जोखिम में न डालें, विरोध के दूसरे कदम उठायें

-अरविन्‍द निगम ने की अपील, नहीं मानने पर दी अनशन की चेतावनी

-केजीएमयू से मुख्‍यमंत्री आवास तक पेट के बल लेटकर जाने की घोषणा की है प्रदीप गंगवार ने

-पांच वर्षों से लंबित कैडर पुनर्गठन को एक माह में न किये जाने पर कर्मचारी परिषद दी चेतावनी

अरविन्‍द निगम व प्रदीप गंगवार

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की कर्मचारी परिषद ने ऐलान किया है कि पांच वर्षों से लंबित कैडर पुनर्गठन अगर एक माह में नहीं हुआ तो कर्मचारी परिषद के अध्‍यक्ष प्रदीप गंगवार 17 अगस्‍त को केजीएमयू से चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्‍ना के आवास होते हुए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के आवास तक पेट के बल लेटकर जायेंगे और मुख्‍यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। प्रदीप गंगवार की इस घोषणा पर राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद के प्रांतीय उपाध्‍यक्ष अरविन्‍द निगम ने उनसे अपील की है कि विरोध के इस कठोर तरीके को न अपनायें, अन्‍यथा अरविन्‍द निगम स्‍वयं अनशन पर बैठेंगे।

अरविन्‍द निगम ने कहा है कि विरोध के अन्‍य तरीके भी हैं, उन्‍होंने कहा कि निश्चित रूप से कैडर पुनर्गठन की मांग जायज है लेकिन विरोध करने के लिए दूसरे तरीके अपनायें, अपनी जान को जोखिम में न डालें। ज्ञात हो इस यात्रा निकालने के निर्णय के आशय का पत्र अध्‍यक्ष प्रदीप गंगवार और महामंत्री राजन यादव ने प्रमुख सचिव चिकित्‍सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण को भेजा है। प्रदीप गंगवार ने बताया कि केजीएमयू के गैर शैक्षणिक कर्मियों को एस जी पी जी आई के समान वेतनमान एवं भत्ते देने के लिए 23 अगस्त 2016 को जारी शासनादेश के क्रम में संवर्गीय पुनर्गठन की प्रक्रिया 5 वर्ष उपरांत अभी तक पूर्णतः लंबित है, जिससे केजीएमयू के अधिकांश कर्मियों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।

28 जनवरी 2021 को चिकित्सा शिक्षा, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में चिकित्सा शिक्षा एवं वित्त विभाग के उच्चाधिकारियों के मध्य मंत्री के सचिवालय स्थित कार्यालय में इस प्रकरण पर गंभीरता पूर्वक बैठक आहूत की गई, जिसमें मंत्री द्वारा तत्कालीन अपर मुख्य सचिव डॉ रजनीश दुबे एवं अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग को अप्रैल माह तक 4 कैडर एवं सितंबर माह तक अधिकतम कैडर्स का संवर्गीय पुनर्गठन करने संबंधी कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे।

उन्‍होंने बताया कि मंत्री के सख्त निर्देशों के बाद भी शासन द्वारा मात्र एक कैडर (नर्सिंग कैडर) का ही शासनादेश जारी किया गया है, जो कि उत्तर प्रदेश सरकार एवं मंत्री की सकारात्मक सोच तथा निर्देशों की घोर अवेहलना है जिससे केजीएमयू कर्मियों में भारी रोष व्याप्त है।

इसी क्रम में कर्मचारी परिषद, केजीएमयू द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि यदि एक माह के भीतर प्रक्रिया में तेजी लाते हुए संवर्गीय पुनर्गठन के लिए शासन द्वारा शासनादेश जारी नही किए जाते हैं तो वर्तमान में कोविड-19, ब्लैक फंगस इत्यादि गंभीर बीमारियों के चलते पूरे प्रदेश से आने वाले मरीजों के स्वास्थ के प्रति किसी भी प्रकार की अनदेखी/आंदोलन न करते हुए स्वयं कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार, 17 अगस्त दिन मंगलवार को कुलपति, केजीएमयू के कार्यालय से मंत्री चिकित्सा शिक्षा एवं वित्त विभाग के 5 कालिदास मार्ग स्थित आवास से होते हुए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के आवास तक पेट के बल लेटकर जाएंगे एवं मुख्यमंत्री को उपर्युक्त अतिगंभीर समस्या से अवगत कराते हुए कार्यवाही की मांग करने के‍ लिए विवश होंगे।

अतिसंवेदनशील प्रक्रिया से प्रदीप गंगवार के साथ यदि कोई अप्रिय घटना घटित होती है तो इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी, साथ ही साथ यह भी अवगत कराना है कि सरकार एवं शासन-प्रशासन द्वारा अविलंब संवर्गीय पुनर्गठन की कार्यवाही नही की जाती है तो अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में कड़े आंदोलन के लिए भी कर्मचारी परिषद प्रतिबद्ध हैं।

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