ध्यान, अध्यात्म और राजयोग के माध्यम से तनाव से मुक्‍त रह सकते हैं लोग

ब्रह्माकुमारीज राजयोग प्रशिक्षण केंद्र गुलजार उपवन का शिलान्‍यास किया उप मुख्‍यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने

लखनऊ। ध्यान, अध्यात्म और राजयोग के माध्यम से लोगों को तनाव से मुक्त रखा जा सकता है, जब व्यक्ति तनाव से मुक्त हो जाता है तो वह अपने लिए कार्य करने के साथ-साथ दूसरों के भले के लिए भी कार्य करने में लग जाता है और ऐसी स्थिति में उसे अपने आप से खुशी तथा प्रसन्नता की अनुभूति होती है।

यह बात प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने आज यहां लखनऊ सुल्तानपुर रोड इंदिरा नहर स्थित, कबीरपुर में प्रदेश के पहले ब्रह्माकुमारीज राजयोग प्रशिक्षण केंद्र गुलजार उपवन के शिलान्यास के अवसर पर कही। उन्‍होंने कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ध्यान, अध्यात्म और राजयोग के माध्यम से लोगों को तनाव से मुक्ति दिलाता है। प्रसन्नता व्यक्ति के जीवन की अमूल्य निधि है जो सब के पास नहीं रहती।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गुलजार उपवन के माध्यम से लोगों में अध्यात्म की बेला और सकारात्मक ऊर्जा जागृत करने का जो लक्ष्य तय किया है यह बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे लोगों को मानव मूल्यों से जोड़कर उनका आध्यात्मिक उत्थान भी हो सकेगा। गुलजार उपवन द्वारा तय किया गया लक्ष्य बहुत ही अच्छा और चुनौतीपूर्ण है। इसके उद्देश्यों की पूर्ति के लिए हम हरसंभव सहयोग करने के लिए तैयार हैं।

उन्‍होंने कहा कि गुलजार उपवन में युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा जागृत करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रशासनिक और व्यापारियों के लिए अलग-अलग कोर्सों का संचालन होगा। इसके साथ ही किसानों के लिए शाश्वत यौगिक खेती का अलग से पाठ्यक्रम चलाया जाएगा। भूकंप रोधी गुलजार भवन को प्रदूषण मुक्त परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां सोलर ऊर्जा और बैटरी चलित वाहनों का ही इस्तेमाल होगा। जो लोग ब्रह्माकुमारीज के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू केन्द्र पर नहीं जा पाएंगे। वह अब प्रदेश स्तर पर तैयार होने वाले भव्य गुलजार उपवन में ध्यान साधना के माध्यम से अपना इलाज कर सकेंगे। गुलजार भवन आवासीय परिसर में एक म्यूजियम भी तैयार किया जाएगा।

इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मुख्य प्रशासिका, राजयोगिनी दादी जानकी, जल शक्ति मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह, गन्ना विकास मंत्री, सुरेश राणा, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया सहित माउण्ट आबू एवं भारत के अन्य राज्यों से आए हुए ब्रह्माकुमारीज के प्रतिनिधि व पदाधिकारीगण उपस्थित थे।