लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्व विद्यालय में इलाज कराने आने वाले मरीजों को अब दवा और सर्जिकल आइटम जो मिलने चाहिये थे, अब मिल सकेंगे। दवा कम्पनियों के बकाये का भुगतान करने के बाद केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि अब ये दिक्कत नहीं आयेगी।
ग्लूकोज चढ़ाने के लिए विगो जैसा छोटा आइटम भी खरीदना पड़ता है मरीज को
ज्ञात हो ट्रॉमा सेंटर हो या क्वीन मैरी, ग्लूकोज चढ़ाने के लिए विगो जैसी छोटे आइटम से लेकर एंटीबायटिक इंजेक्शन तक मरीजों के घरवालों को ही लाना पड़ता है। अब इस समस्या को केजीएमयू प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुये दवाओं व सर्जिकल आइटम की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ.विजय कुमार ने बताया कि मेन स्टोर में उपलब्ध दवाओं को ट्रॉमा सेंटर व वार्डो में भेज दिया गया है, साथ ही आवश्यक दवाओं व सर्जिकल आइटम की डिमांड मांगी गई है, जिसके प्राप्त होने पर उसे भी शीघ्र ही उपलब्ध करा दिया जायेगा।
कम्पनियों के भुगतान के बकाये के चलते आ रही थी दिक्कत
डॉ.विजय ने बताया कि दवा कंपनियों के भुगतान के अभाव में दवाओं का संकट बीते अंतराल से चल रहा है, हलांकि हाल में भुगतान के बाद कंपनियों ने दवा आपूर्ति करना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी भी कुछ दवाएं है जो कि आपूर्ति होना शेष है, कंपनियों को अति शीघ्र आपूर्ति करने के निर्देश दिये जा चुके हैं। सर्जिकल उपकरणों को आपूर्ति करने वाली कंपनियों को भी निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि अगले 10-12 दिनों में ट्रॉमा सेंटर, क्वीन मैरी व गांधी वार्ड आदि में दवाओं का संकट नहीं रहेगा और मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं निशुल्क उपलब्ध होंगी। इसके अलावा उन्होंने ट्रॉमा में खराब एम्बुलेंस को ठीक कराकर मरीजों के लिए मुहैय्या कराने के भी निर्देश दिये हैं।
