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केजीएमयू में मरीजों-तीमारदारों को बताये गये प्लास्टिक के उपयोग के नुकसान

-प्लास्टिक की बोतल, कप, प्लेट, चम्मच के बार-बार इस्तेमाल, गीले-सूखे कूड़े पर भी किया जागरूक

सेहत टाइम्स

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में 6 जुलाई को ओपीडी में आने वाले मरीजों तथा उनके तीमारदारों के मध्य प्लास्टिक मुक्त परिसर अभियान के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सिंगल यूज प्लास्टिक पानी की बोतलों को सिंगल यूज के बजाय लम्बे समय तक प्रयोग होने वाली (पुनः प्रयोज्य) पानी की बोतलों के प्रयोग, प्लास्टिक कप, प्लेट, चम्मच आदि के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबन्धित किये जाने तथा घरों में उत्पन्न होने वाले गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग निस्तारण के प्रति जागरूक किया गया।

यह जानकारी देते हुए केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ केके सिंह ने बताया कि कुलाधिपति के निर्देशों के अनुपालन में नवीन ओ०पी०डी० भवन, के०जी०एम०यू०, लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में एकल प्रयोग प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के संदर्भ में उन्हें जागरूक करते हुए एकल प्रयोग प्लास्टिक बोतलों के स्थान पर पुनः प्रयोज्य प्लास्टिक बोतलों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में खाद्य पदार्थों के प्लास्टिक पन्नी में पैकिंग के कारण कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी बढ़ने तथा अनावश्यक रूप से ऐसी प्लास्टिक के निरंतर प्रयोग से मानव शरीर, जल संरचनाओं तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल व अनिष्टकारी परिणामों के प्रति भी जागरूकता पर बल दिया गया। प्लास्टिक के विकल्प के रूप में कपड़े के थैले, बायोडिग्रेडेवल थैले इत्यादि का प्रयोग, यथासंभव ताजा फ्रूट जूस, लस्सी, गन्ने का रस इत्यादि का सेवन करने और ऐसे पैक्ड खाद्य वस्तुओं के अनावश्यक प्रयोग से बचने को भी आवश्यकता जताई गई।

चिकित्सालय को प्लास्टिक मुक्त परिसर बनाने का संदेश

चिकित्सालय को प्लास्टिक मुक्त परिसर बनाने के लिए क्या करें, अथवा क्या न करें, इस विषय पर विस्तृत रूप से पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के द्वारा भी जागरूकता संदेश प्रसारित किया गया तथा नियमित रूप से इस संबंध में जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाने का भी निर्णय लिया गया।

कार्यक्रम में प्रो० के०के० सिंह डीन, फैकल्टी ऑफ एलाइड एण्ड हेल्थ केयर साइंसेज, प्रो० सुरेश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, गांधी स्माकर एवं सम्बद्ध चिकित्सालय, प्रो० वी०के० सिंह, सह संकाय प्रभारी ओ०पी०डी०, डॉ० अजय पाल, मैट्रन, के०जी०एम०यू०, संकाय सदस्य पैरामेडिकल तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।