झाँसी के बाद अब सुल्तानपुर जिला अस्पताल में शर्मनाक तस्वीर

मरीज का कटा पैर रख दिया दोनों पैरों के बीच में

उत्तर प्रदेश में झांसी के बाद सुल्तानपुर में भी इंसानियत को शर्मसार किया गया है. झाँसी में शर्मसार मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने किया था यहाँ जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने किया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक व्यक्ति के ट्रेन की चपेट में आने से उसका पैर कट गया था। उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। यहां पर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में घायल व्यक्ति का कटा पैर उसी की दोनों टांगों के बीच रख दिया गया। यह मामला सीएमओ के संज्ञान में आने के बाद जांच के निर्देश दिए गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम क़रीब साढ़े सात बजे कोतवाली नगर के करौंदिया रेलवे क्रासिंग के पास एक व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आने से बुरी तरह घायल हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो ट्रेन की चपेट में आने घायल व्यक्ति का बांया पैर कट चुका था और वो बुरी तरह तड़प रहा था। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने 108 एम्बुलेंस को बुलाया और तत्काल उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचाया गया था।

बताया जाता है कि मरीज के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचने के बाद यहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और स्टाफ ने इंसानियत को शर्मसार करने वाली तस्वीर पेश की। इलाज के समय उसके कटे हुए पैर को दोनों टांगों के बीचों-बीच रख दिया गया और करीब आधे घंटे तक कटा हुआ पैर वैसे ही रखा रहा। बताया जाता है कि जब हास्पिटल में मौजूद लोगों के कैमरे चलने का आभास हुआ तब उसे वहां से हटाया।

घायल व्यक्ति की शिनाख़्त जयसिंहपुर कोतवाली के रवनिया पीढ़ी गांव निवासी अतुल कुमार पाण्डेय (48) पुत्र जगनारायण पाण्डेय के रूप में हुई। परिजनों को घटना के संदर्भ में सूचना दी गई है, बुरी तरह घायल अतुल की एक 13 वर्ष की बेटी व एक 10-11 वर्ष का बेटा है। इस मामलें में जब मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डा. सी.बी.एन. त्रिपाठी का कहना है कि इस मामले में जांच करा जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

झाँसी में भी हो चुका है यह

आपको बता दें कि ऐसा ही एक मामला झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भी सामने आया था। यहां इलाज के लिए आए एक व्यक्ति के सिर के नीचे उसके कटे पैर का तकिया बनाकर रख दिया गया था। एक बस हादसे में बस के क्लीनर घनश्याम का बायां पैर घुटने के नीचे से कटकर अलग हो गया था। परिवार के लोग जब पीड़ित को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसके कटे हुए पैर को उसके सिर के नीचे तकिया की जगह लगा दिया था।