टीबी जांच रिपोर्ट के लिए अब लंबा इंतजार नहीं, मिल जायेगी दो घन्टे में

दो और अस्पतालों में सीबीनैट लैब चालू होने जा रही

लखनऊ । होली के बाद शहर में टीबी के मरीजों को और राहत मिलने जा रही है। मार्च के मध्य तक सिविल और टूड़ियागंज टीबी अस्पताल में सीबीनैट लैब चालू हो जाएगी, जिससे प्रतिदिन करीब 60 नये मरीज अपनी जांच करा सकेंगे। इसकी रिपोर्ट भी दो घण्टे में मिल जाएगी जिसके लिए अभी तक तीन महीने तक इंतजार करना पड़ता था।

जिला टीबी अधिकारी डॉ बीके सिंह ने बताया कि वर्तमान में राजधानी में सीबीनैट ( कार्टेज बेस्ट न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट) के लिए दो मशीनें चालू हालत में हैं। एक राजेन्द्र नगर टीबी अस्पताल में और एक केजीएमयू के (माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेन्ट) में। हाल ही में जांच के लिए दो और मशीने शहर में लगी है। एक ठाकुरगंज टीबी अस्पताल में लगेगी और दूसरी सिविल अस्पताल में। पॉवर बैकअप मशीन की वजह से अभी तक चालू नहीं हो पायी है। लेकिन होली के बाद मार्च में इन मशीनों के चालू हो जाने की उम्मीद है। अभी तक टीबी की जांच रिपोर्ट तीन महीने में मिलती था। जबकि नयी व्यवस्था शुरू हो जाने से यही रिपोर्ट मात्र दो घण्टे में मिल जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस मशीन में बलगम की जांच के अलावा टीबी की दवा (रैसापाईन कैप्सूल) के (ड्रग रैजिस्टटैन्स) की भी जांच भी हो जाती है। इस जांच में मरीज के उन (बैक्टीरिया) की जांच भी हो जाती है जिन पर (रैसापाईन कैप्सूल) का असर नहीं हो रहा होता है। ऐसी दशा में मरीज की (एमडीआर टीबी) की जांच मतलब गंभीर टीबी की जांच की जाती है। (एमडीआर जांच) के दौरान मरीज का 24 महीने तक इलाज चलता है।
वरिष्ठ टीबी प्रयोगशाला परिवेक्षक लोकेश कुमार वर्मा ने बताया कि सीबीनैट मशीन में बलगम की जांच के अलावा शरीर में मौजूद (फ्लूड फॉर्म) के सभी सैम्पल टेस्ट किए जा सकते है, जैसे घाव का मवाद, गिलटी का मवाद, फेफड़े में पानी (प्ल्यूरल फ्लूट) हडडी में पानी (हडडी में जो बैक्टीरियल इन्फैक्शन हो जाता है) उसका टेस्ट करके ट्रीटमेन्ट भी किया जाता है। खून, यूरीन और स्टूल को छोड़कर शरीर में मौजूद सभी प्रकार के (फ्लूट) का टेस्ट सीबीनैट मशीन में किया जाता है।

खोजे जा रहे मरीज
प्रदेशभर में 10 दिवसीय टीबी मुक्ति अभियान चल रहा है। जिला टीबी अधिकारी डॉ बीके सिंह ने बताया कि इसी क्रम में शहर के टीबी अधिकारियों के नेतृत्व में लखनऊ की जेल और कई कबरिस्तानों में टीबी मरीजों को खोजने का कार्य शुरू किया गया है। आजकल केजीएमयू में प्रतिदिन 18 से 20 और राजेन्द्र नगर टीबी अस्पताल में 24 से 28 मरीजों आते है जिनकी टीबी की जांच मुफ्त होती है।