निपाह वायरस : केरल से आ रहे इन चार फलों को खाने में बरतें सावधानी

केरल से फैले इस रोग के कारण कई जगह कर दिया गया है हाई अलर्ट

 

केरल से शुरू हुए निपाह वायरस का खौफ पूरे भारत में है. लेकिन अगर  थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो  इस  बीमारी से बचना कोई  बहुत मुश्किल काम भी नहीं है. आपको बता दें कि जैसा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी भी बताया है कि निपाह वायरस चमगादड़ों द्वारा खाए जाने वाले फलों से ज्यादा फैल रहा है  ऐसे में फलों विशेषकर केरल से आने वाले फलों को लेकर हमें सावधानी बरतनी होगी। ये वायरस चार फलों में हो सकता है. चिकित्सकों की सलाह है कि ऐसे में इन्हें भूलकर भी न खाएं या फिर खाने में पूरी सतर्कता बरतें.

 

आपको बता दें कि WHO के मुताबिक, निपाह वायरस चमगादड़ की एक नस्ल में पाया जाता है. यह वायरस उनमें प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है. चमगादड़ जिस फल को खाती है, उनके अपशिष्ट जैसी चीजों के संपर्क में आने पर यह वायरस किसी भी अन्य जीव या इंसान को प्रभावित कर सकता है. ऐसा होने पर ये जानलेवा बीमारी का रूप ले लेता है.

 

दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भी अलर्ट कर दिया गया है. इस अज्ञात इन्फेक्शन के चलते हाई अलर्ट घोषित किया गया है. लखनऊ में केजीएमयू भी पूरी तरह तैयार है।   केरल में फैले निपाह वायरस से फिलहाल दिल्ली और आसपास के राज्यों में कोई खतरा नहीं है. लेकिन, चिकित्सकों का कहना है कि लोगों को बचाव के उपाय जरूर कर लेने चाहिए. डॉक्टरों की सलाह है कि केरल से जो केले आ रहे हैं, उनको खाने से बचें. अगर खाना ही है तो अच्छे से धोकर खाएं. क्योंकि, उत्तर भारत में ज्यादातर केले, केरल से आते हैं. ऐसे में इन्हें खाना सेहत के लिए सही नहीं है.

 

इसी प्रकार नारियल, खजूर और आम को भी अच्छे से धोकर खाएं. रमजान के महीने में खजूर सबसे ज्यादा खाए जाते हैं. दिल्ली में बड़ी मात्रा में केले और खजूर केरल से मंगाए जाते हैं. निपाह वायरस से प्रभावित केरल के कालीकट और मल्लापुरम जिले में केले और खजूर की बड़ी मात्रा है. एम्स के डॉक्टर्स की टीम यहां जांच कर रही है. ऐसे में यहां से आने वाले फलों को ध्यान से खाना चाहिए.

 

भारत में इस वायरस को पहली बार डि‍टेक्‍ट किया गया है. सेना ने अपने सभी सैनिकों और अधिकारियों को सलाह दी है कि इस संक्रमण से बचने के लिए चमगादड़ और सुअर से दूरी बनाकर रखें. सेना ने खास तौर पर अपने सैनिकों को ताकीद किया है कि संक्रमित इलाकों में पेड़ो से जमीन पर गिरे फलों का सेवन बिल्‍कुल भी न करें. इन फलों के खाने से वे संक्रमण का शिकार हो सकते हैं.