-संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र

सेहत टाइम्स
लखनऊ। संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों की लंबित मांगों को आगामी 30 जुलाई से पूर्व पूरा न किया गया तो प्रदेश भर से सभी एनएचएम कर्मचारी लखनऊ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
संघ के प्रदेश महामंत्री योगेश उपाध्याय द्वारा इस बारे में प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र भेजा गया है। इस पत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों की समस्याओं को लगातार अनदेखा किया जा रहा है, इससे उन्हें सौतेलेपन जैसे व्यवहार का अनुभव हो रहा है। मांगों को लेकर वार्ता के लिए पूर्व में भी संगठन द्वारा प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से समय मांगा गया था लेकिन संगठन के साथ प्रमुख सचिव की बैठक नहीं हो पाई। इसके बाद 10 जून 2024 और 1 जुलाई 2024 को पत्राचार के माध्यम से भी समस्याओं के समाधान का अनुरोध किया गया था। योगेश उपाध्याय ने पत्र में लिखा है कि इसके पश्चात 8 जुलाई 2024 को संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराया था, जिस पर मुख्य सचिव द्वारा प्रमुख सचिव के स्तर पर समाधान के लिए निर्देशित किया जा चुका है।
पत्र में अनुरोध किया गया है कि गृह जनपद स्थानांतरण, वेतन विसंगति, नियमित पदों पर समायोजन, एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों का डीएचएस/एसएचएस में समायोजन, एनटीईपी कार्मिक के लिए पेट्रो कार्ड तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर कार्यरत समस्त कार्मिकों तथा सीएचओ के इंसेंटिव को वेतन में जोड़ना तथा एमबीबीएस चिकित्सक की वेतन विसंगति दूर किए जाने सहित अन्य मांगों का समाधान किया जाए अन्यथा 30 जुलाई को प्रदेश भर के एनएचएम कर्मचारी एनएचएम कार्यालय पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

