मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पूरी की जायेगी

बैठक को सम्बोधित करते हुए आशुतोष टण्डन।

लखनऊ । प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा मेडिकल कॉलेजों सहित विभिन्न चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में चिकित्सीय व्यवस्था को सुधारने हेतु आज चिकित्सा शिक्षा एवं प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

मंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा, बढ़ेंगी सुपर स्पेशियलिटी की सीटें

बैठक को सम्बोधित करते हुए आशुतोष टण्डन ने कहा कि सरकार की उच्च प्राथमिकता है कि प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर किया जाए साथ ही पेशेंट केयर को भी और जनोपयोगी बनाया जाये। इसके लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी की सीटों को बढ़ाने, शिक्षकों की कमी को पूरा करने तथा मरीजों को सुलभ एवं शीघ्र चिकित्सा उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया।

सुलभ और सस्ते इलाज के लिए बनायी समिति

जनता को सुलभ सस्ता एवं शीघ्र चिकित्सकीय जांच उपलब्ध हो जाए इसके लिए उन्होंने तीन सदस्यीय समिति बनाने के निर्देश दिए। ये समिति एक महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी। समिति को व्यापक अध्ययन करके यह रिपोर्ट देनी है कि पीजीआई सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में एमआरआई सहित होने वाली विभिन्न जांचों को कैसे सुलभ किया जाए। इस हेतु पीपीपी मॉडल पर भी विचार हो।

उपकरण तभी खरीदें जब अन्य व्यवस्थायें हो जायें

मेडिकल कॉलेजों या अन्य शैक्षिक चिकित्सा संस्थाओं में उपकरण खरीदने के बाद उनका समय पर प्रयोग शुरू न हो पाने के कारण अनेक मेडिकल उपकरण खराब हो जाते है इस बर्बादी को रोकने के लिए आज चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने समीक्षा बैठक में निर्देशित किया कि उपकरण तभी खरीदे जायें जब उपकरणों के प्रयोग हेतु सभी आवश्यक व्यवस्था कर ली जाए। उन्होंने उत्तराखण्ड, छत्तीसगढ़, तथा अन्य राज्यों में चिकित्सा क्षेत्र में हुई प्रगति का अध्ययन कराने के लिए भी निदेर्शित किया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने मेडिकल कॉलेजो में पीजीआई की तरह अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था लागू हो इसके लिए भी प्रयास तेज करने के निर्देश दिए।
बैठक में चिकित्सा, शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह, अपर मुख्य सचिव डॉ अनीता भटनागर जैन, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, सैफई विश्वविद्यालय के कुलपति, एसजीपीजीआई,सीबीएमआर,राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान ग्रेटर नोएडा, डॉ. राम मनोहर लोहिया सु.स्पे.बा.चि. एवं स्नातकोत्तर संस्थान नोएडा के निदेशक, तथा सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्य उपस्थित थे।
———