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कोरोना क्षेत्र में योगदान के लिए तिरुपति की मेयर ने सम्‍मानित किया डॉ सूर्यकांत को

-आईएमए-अकेडमी ऑफ स्‍पेशियलिटीज़, नेटकॉन-2021 में किया गया सम्‍मानित

सेहत टाइम्‍स   

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सूर्यकान्त को हाल ही में आयोजित आईएमए-अकेडमी ऑफ स्पेस्लिस्टीज, नेटकॉन-2021 (19-20 दिसम्बर 2021) की वार्षिक कांफ्रेंस में तिरुपति की मेयर डा0 आर. सिरिशा, प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ ने कोरोना के क्षेत्र में अभूतपूर्ण कार्य करने हेतु सम्मानित किया।

ज्ञात हो डा0 सूर्यकान्त एवं भारत के अन्य चेस्ट रोग विशेषज्ञों की टीम ने कोविड-19 मरीजों में आईवरमेक्टिन के उपयोग पर एक श्वेत पत्र जारी किया जिसे बाद में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मान्यता दी और अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित भी किया। उ0प्र0 सरकार ने भी आइवरमेक्टिन को प्रदेश में कोविड-19 के इलाज में इसे एक कारगर दवा के रूप में सम्मिलित किया, जिसमें डा0 सूर्यकान्त की अहम भूमिका रही। ज्ञात रहे इस महामारी काल में जनमानस को कोरोना जैसी घातक बीमारी से न्यूज चैनल, यूट्यूब, रेडियों एवं अखबार के द्वारा जागरूक कर उन्हें बचा रहे हैं, साथ ही साथ अपने संस्थान में कोरोना पीड़ितों को भी स्वस्थ कर जीवनदान दे रहें है।

डा0 सूर्यकान्त ने कोरोना से पीड़ित ग्रामीण लोगों के लिए एक सरल व सुगम चिकित्सा प्रोटोकॉल तैयार किया एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से दवाएं बंटवाकर हजारों लोगों की जान बचाई। उन्हें वाराणसी में डी.आर.डी.ओ. द्वारा स्थापित पंडित राजन मिश्रा कोविड, हॉस्पिटल में कोविड मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधायें उपलब्ध कराये जाने के लिए उपलब्ध व्यवस्था का आकलन/संसाधनों/चिकित्सकीय सुविधाओं का आकलन कर एवं उसमें सुधार के लिए अपनी संस्तुति के लिए भी एक सदस्यीय टीम गठित कर डा0 सूर्यकान्त को चुना गया था। इसके पूर्व भी उ0प्र0 शासन द्वारा उनको कोविड से प्रभावित जनपदों जैसे- आगरा, कानपुर, मेरठ की समीक्षा के लिये भेजा गया था।

डॉ सूर्यकान्त कोविड टीकाकरण के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के ब्रांड एंबेसडर हैं। इसके साथ ही चेस्ट रोगों के विशेषज्ञों की राष्ट्रीय संस्थाओं इण्डियन चेस्ट सोसाइटी, इण्डियन कॉलेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा एण्ड एप्लाइड इम्यूनोलॉजी एवं नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन (एन0सी0सी0पी0) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं तथा इण्डियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन के मेडिकल साइंस प्रभाग के भी राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके है। वे आई0एम0ए0 एकेडमी ऑफ मेडिकल स्पेशलिटीज के राष्ट्रीय वायस चेेयरमेन हैं एवं आई0एम0ए0 लखनऊ के भी अध्यक्ष रह चुके हैं तथा आईएमए-एएमएस की फेलोशिप से भी अलंकृत किये जा चुके है।

इसके अलावा वे चिकित्सा विज्ञान सम्बंधित विषयों पर 18 किताबें भी लिख चुके है तथा एलर्जी, अस्थ्मा, टी.बी. एवं कैंसर के क्षेत्र में उनके अब तक लगभग 700 शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय जनरलस में प्रकाशित हो चुके हैं। डा0 सूर्यकान्त को पहले भी अमेरिकन कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन, इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन, इण्डियन चेस्ट सोसाइटी, नेशनल कालेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन आदि संस्थाओं द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 18 फैलोशिप सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें उ0प्र0 सरकार द्वारा विज्ञान गौरव अवार्ड (विज्ञान के क्षेत्र में उ0प्र0 का सर्वोच्च पुरस्कार) और राज्य हिन्दी संस्थान द्वारा विश्वविद्यालय स्तरीय हिन्दी सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले डा0 सूर्यकान्त को 10 ओरेशन एवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें अब तक अन्तरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर की विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगभग 146 पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

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