हिंदी के प्रति प्रेम को राष्ट्रप्रेम के समतुल्य बताया

-विश्‍व हिंदी दिवस पर राष्‍ट्रीय ई संगोष्‍ठी का आयोजन

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ/उन्‍नाव। बांगरमऊ, उन्नाव में इंदिरा गांधी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में “वैश्विक परिदृश्य में हिंदी भाषा एवं साहित्य: संभावनाएं एवं चुनौतियां” विषय पर एक राष्ट्रीय ई-संगोष्ठी का आयोजन प्रो0 सुमन गुप्ता, प्राचार्या की अध्यक्षता में किया गया। इसमें वैश्विक स्तर पर हिंदी के प्रचार प्रसार के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक तौर पर हिंदी की सुग्राहिता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन सचिव राजीव यादव द्वारा कार्यक्रम का प्रारंभ करते हुए “विश्व हिंदी दिवस” की पृष्ठभूमि का परिचय कराया गया और कार्यक्रम का संचालन किया गया। तदोपरांत प्राचार्या प्रो0 सुमन गुप्ता द्वारा अतिथि वक्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत उद्बोधन करते हुए मातृभाषा हिंदी के प्रति प्रेम को राष्ट्रप्रेम के समतुल्य बताया गया।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ0 दिग्विजय नारायण द्वारा “वैश्विक परिदृश्य में हिंदी भाषा और साहित्य: संभावनाओं और चुनौतियां” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी की विषय वस्तु की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की गई। राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम वक्ता डॉ0 विद्याचरण द्वारा वैश्विक स्तर पर हिंदी के प्रचार प्रसार के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक तौर पर हिंदी की सुग्राह्यता बढ़ाने पर जोर दिया और विश्व स्तर पर प्रचारित प्रसारित होने के कारणों पर विस्तार से अपनी बात रखी गयी।  द्वितीय अतिथि वक्ता डॉ0 प्रवीन कुमार यादव द्वारा नियामक स्तर पर हिंदी को सर्व सुलभ भाषा बनाने पर स्पष्ट मत प्रस्तुत किया गया और यह कहा गया कि हिंदी को बाजारवाद और मनोरंजन की भाषा बनाए जाने तक ही सीमित न रखा जाए।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय संगोष्ठी के समन्वयक डॉ0 विष्णु मिश्रा द्वारा आभासी मंच से जुड़े सभी अतिथि वक्ताओं, प्रतिभागियों, छात्र-छात्राओं और महाविद्यालय परिवार के प्राध्यापकों के प्रति आयोजन समिति की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ0 एसएन राय, डॉ0 रंजना सिन्हा, सविता, किरण, सविता राजन, धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी और छात्र-छात्राएं और प्रदेश भर के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक उपस्थित रहे।