लम्बे समय से रखे खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच न होने पर मंत्री नाराज

खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन प्रयोगशाला का निरीक्षण करते राज्यमंत्री अतुल गर्ग।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश  के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन राज्य मंत्री अतुल गर्ग को आज यहां अलीगंज स्थित खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन प्रयोगशाला के औचक निरीक्षण में परीक्षण के लिए रखे करीब साढ़े तीन हजार खाद्य पदार्थों के नमूने लम्बित मिले साथ ही कई स्थानों में गंदगी मिली। इस पर उन्होंने असंतोष जताते हुए लम्बित नमूनों के शीघ्र परीक्षण और गंदगी की सफाई के निर्देश दिये हैं। उन्होंने प्रयोगशाला के कई स्थलों पर मिली गन्दगी को गम्भीरता से लेते हुये पूरी प्रयोगशाला को स्वच्छ रखे जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया है।
खास बातें
1    खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन प्रयोगशाला का औचक निरीक्षण
2    विभागीय राज्य मंत्री अतुल गर्ग को लैब में कई जगह मिली गंदगी
3    आवश्यक उपकरणों तथा मैनपॉवर की कमी को जल्दी ही दूर किया जायेगा
4    ईमानदार व्यापारियों के साथ सदभावपूर्ण रवैया अपनाने के भी निर्देश

निरीक्षण के उपरान्त श्री गर्ग ने सभी जनपदों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों  की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला में आवश्यक उपकरणों तथा मैनपॉवर की कमी को जल्दी ही दूर किया जायेगा। उन्होंने विभाग की समस्याओं को दूर कर अधिक बेहतर बनाने का आश्वासन दिया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित करते राज्यमंत्री अतुल गर्ग।

श्री गर्ग ने औषधि प्रशासन विभाग के निरीक्षकों से कहा कि उनका कार्य निरन्तर खाद्य पदार्थों एवं सामग्री की जांच करने के लिए मात्र छापा मारना ही नहीं है बल्कि पूरी व्यवस्था को ठीक करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने निरीक्षकों को सचेत किया कि वे ईमानदार व्यापारियों के साथ सदभावपूर्ण रवैया अपनाएं तथा बेवजह उन्हें परेशान न करें। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को जागरूक करें कि वे मिलावटी सामान न बेचें और लोगों के स्वास्थ्य के प्रति ईमानदार रहें।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के प्रमुख सचिव हेमन्त राव ने बैठक में विभागीय रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए राज्यमंत्री को आश्वस्त किया कि विभागीय कर्मी ईमानदारी से कार्य करेंगे और विभाग की छवि को बेहतर बनायेंगे। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि पुराने परीक्षण के मामलों को शीघ्र निस्तारित किया जायेगा। उन्होंने बैठक में अवगत कराया कि 12 लाख रुपये से अधिक टर्न ओवर वाले व्यापारियों एवं दुकानदारों को लाइसेंस लेना होता है तथा इससे कम टर्नओवर वाले दुकानदारों को पंजीकरण करवाना होता है। यह दोनों प्रक्रियाएं ऑनलाइन करने की व्यवस्था की गयी है।
इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग तथा प्रयोगशाला के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।