-31 मई को कार से जा रहे चिकित्सक पर दूसरी कार में सवार पुरुष व महिला ने की मारपीट व लूट
-डॉक्टर की पत्नी की तहरीर पर अब तक नहीं लिखी एफआईआर, दूसरे पक्ष का उसी दिन लिख गया मुकदमा

सेहत टाइम्स
लखनऊ। केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग के प्रो विवेक सिंह के साथ आशियाना क्षेत्र में हाल ही एक घटना घटी है, जिसमें उनके साथ मारपीट की गयी, जिसमें वे घायल हो गये हैं, इस समय वे केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। चिकित्सक पर हुए हमले और तीन दिन पहले बीती 31 मई को हुई इस घटना की अब तक एफआईआर न लिखे जाने को लेकर केजीएमयू टीचर्स एसोसिएशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लखनऊ ने गहरी नाराजगी जतायी है। दोनों एसोसिएशंस ने इस घटना के बारे में अपर मुख्य सचिव गृह को पत्र लिखकर पीडि़त चिकित्सक की एफआईआर लिखने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
केजीएमयू टीचर्स एसोसिएशन के महामंत्री डॉ संतोष कुमार द्वारा अपर मुख्य सचिव गृह को भेजे पत्र में कहा है कि डॉ. विवेक कुमार सिंह हमारे विश्वविद्यालय के यूरोलॉजी विभाग में एसोशिएट प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं, जो हिमालय इन्कलेव, वृंदावन योजना, लखनऊ में रहते हैं। डा. विवेक ने अवगत कराया है कि वह अपनी कार से बी.बी.ए. युनिवर्सिटी की तरफ दिनांक 31.05.2026 को सायं 5-6 बजे जा रहे थे, जिन्हें स्वीफ्ट कार नम्बर यूपीः 32 ईजे 9010 से टक्कर मारी गयी।
20 ग्राम की सोने की चेन छीनने का भी आरोप
पत्र में कहा गया है कि स्वीफ्ट कार में बैठी महिला व पुरुष ड्राइवर द्वारा उतर कर मारपीट व गाली-गलौज की गयी तथा महिला द्वारा डा. विवेक के गले में पड़ी लगभग 20 ग्राम की सोने की चेन को छीन लिया गया। डा. विवेक को चोटें भी आयी, जिसके कारण इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती होना पड़ा है। आर्थिक, मानसिक व शारीरक क्षति की दुःखद घटना से डा. विवेक व उनका परिवार भयभीत है। डा. विवेक की पत्नी डा. विजेता सिंह द्वारा घटना की एफआईआर दर्ज करने के लिए थानाध्यक्ष, आशियाना को तहरीर दी गयी, लेकिन अभीतक दर्ज नहीं हुयी है, जबकि दूसरे पक्ष की गलत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गयी है।
डॉ संतोष कुमार ने पत्र में लिखा है कि डॉक्टरों पर हमले जैसा यह कृत्य अत्यंत निंदनीय एवं सरकार की मंशा के विपरीत है, जिससे केजीएमयू के समस्त शिक्षक अत्यंत दुःखी एवं आक्रोशित हैं। पत्र में अनुरोध किया गया है कि डा. विवेक की पत्नी डा. विजेता सिंह द्वारा थानाध्यक्ष, आशियाना को दी गयी तहरीर पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने एवं डा. विवेक के परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सम्बंधित को प्रभावी निर्देश देने की कृपा करें, जिससे केजीएमयू में आनेवाले जरूरतमंद मरीजों का उपचार सुचारु रूप से चलता रहे।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पुलिस की निष्पक्षता पर उठाये सवाल
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लखनऊ, ने भी इस घटना पर आक्रोश जताते हुए अपर मुख्य सचिव गृह को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। पत्र में डॉ. विवेक के साथ पुरुष एवं महिला द्वारा की गयी मारपीट, महिला द्वारा डॉक्टर के गले में पड़ी चेन छीनने की घटना का जिक्र करते हुए कहा गया है कि आईएमए लखनऊ डॉ. विवेक सिंह से जुड़ी हालिया घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करता है। डॉ. विवेक सिंह घटना के बाद घायल अवस्था में अपनी शिकायत दर्ज कराने पुलिस चौकी और तत्पश्चात थाना आशियाना पहुंचे, परंतु उनकी ओर से दी गई शिकायत पर तत्काल FIR दर्ज नहीं की गई। इसके विपरीत, दूसरे पक्ष की FIR रात में दर्ज कर ली गई। यह स्थिति पुलिस की निष्पक्षता और समान कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
आईएमए लखनऊ की ओर से अध्यक्ष और सचिव द्वारा लिखे गये पत्र में कहा गया है कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लखनऊ शाखा इस घटना की कड़ी निंदा करती है। ड्यूटी पर कार्यरत चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। ऐसी घटनाएं चिकित्सक समुदाय में भय, असुरक्षा एवं आक्रोश का वातावरण उत्पन्न करती हैं, जिसका सीधा प्रभाव जनहित एवं चिकित्सा सेवाओं पर पड़ता है।
चिकित्सक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
पत्र में मांग की गयी है कि 1. डॉ. विजेता सिंह द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर उचित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाए। 2. घटना में शामिल आरोपियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। 3. डॉ. विवेक कुमार सिंह एवं उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। 4. चिकित्सक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को प्रभावी निर्देश दिए जाएं। पत्र में लिखा गया है कि इस गंभीर प्रकरण में शीघ्र एवं न्यायसंगत कार्यवाही की जाएगी, जिससे चिकित्सक समाज में विश्वास एवं सुरक्षा की भावना बनी रहे।
CCTV footage, 112 कॉल रिकॉर्ड जैसे साक्ष्यों को जांच में करें शामिल
IMA ने घटना से जुड़े सभी उपलब्ध साक्ष्य, जैसे CCTV footage, 112 कॉल रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट, अस्पताल रिकॉर्ड और घटनास्थल के आसपास के प्रमाण सुरक्षित कर जांच में शामिल किए जाएं। दोनों पक्षों के तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए और किसी भी प्रकार के दबाव या प्रभाव से मुक्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
आईएमए का मानना है कि मामला केवल एक चिकित्सक का व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि डॉक्टरों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि एक वरिष्ठ चिकित्सक की शिकायत भी समय पर दर्ज नहीं होती, तो यह समाज और चिकित्सा समुदाय दोनों के लिए चिंताजनक संकेत है। डॉक्टरों की सुरक्षा और गरिमा से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन डॉ. विवेक सिंह के साथ खड़ा है।

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