-अल्मोड़ा-नैनीताल के भ्रमण पर पहुंचे इप्सेफ के अध्यक्ष वीपी मिश्रा

सेहत टाइम्स
लखनऊ। इण्डियन पब्लिक सर्विस इम्प्लाईज फेडरेशन (इप्सेफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी0पी0 मिश्र ने उत्तराखंड के केन्द्रीय व राज्य कर्मचारियों से अपील की है कि इप्सेफ के साथ कन्धों से कन्धा मिलाकर पूरा सहयोग दें, जिससे पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य मांगों को पूरा कराया जा सके, अन्यथा पेंशन के बिना और सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के परिवार का जीवन दूभर हो जायेगा।
इप्सेफ के राष्ट्रिय सचिव अतुल मिश्रा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि वीपी मिश्रा ने यह भी अपील की है कि इप्सेफ की दिल्ली में होने वाले सम्मेलन में पूरी भागीदारी करे। वे शीघ्र ही देहरादून राजधानी में जाकर संगठनों के नेताओं से विस्तार से चर्चा करेंगे। वीपी मिश्रा ने उत्तराखंड के भ्रमण पर अल्मोड़ा एवं नैनीताल पहुंच कर वहां के कुछ कर्मचारी संगठनों के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। जे0सी0 नैनवाल पूर्व अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद हल्द्वानी, नैनीताल की अध्यक्षता में हुई बैठक में सिंचाई विभाग सहित कई विभागों के कर्मचारी उपस्थित थे।
वी0पी0 मिश्र ने बताया कि इप्सेफ का गठन 2012 में नई दिल्ली में किया गया था। इस संगठन के प्रभाव से यू0पी0ए0 सरकार द्वारा दो वर्ष पूर्व ही 7वें वेतन आयोग का गठन कराया गया था, जिसके फलस्वरूप दिनांक 01.01.2016 से 7वां वेतन आयोग लागू हो गया था। 01.01.2024 से 8 वां वेतन आयोग का गठन लागू होना है इसकी मांग मा0 प्रधानमंत्री जी से की है कि वर्ष 2024 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया जाय। इसके अलावा पुरानी पेंशन बहाली, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, नियुक्तियों में वरीयता तथा न्यूनतम वेतन दिया जाय। पुरानी पेंशन बहाली हेतु वेतन समिति विचार कर अपनी संस्तुतियां देने वाली है। इप्सेफ के प्रयास से ही एन0पी0एस0 में 4 प्रतिशत का अंशदान बढ़ाया गया था।
राष्ट्रीय सचिव अतुल मिश्र ने बताया कि 14 प्रतिशत जो भारत सरकार अंशदान देती है उसके 9 प्रतिशत ब्याज से एकत्रित धनराशि से ही पुरानी पेंशन दी जा सकती है। इसमें भारत सरकार पर कोई व्यय भार नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा इसके लिए इप्सेफ द्वारा लगभग सभी राज्यों में रैली प्रदर्शन होते आ रहे है। वी0पी0 मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश के लाखों कर्मचारी इप्सेफ के आन्दोलन में भाग लेते आ रहे है।

