ब्लड बैंक की कार्यक्षमता बढ़ायें, सरकार सहयोग देगी

कम संसाधनों में बेहतर कार्य की तारीफ की चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने

केजीएमयू के ब्लड बैंक का आठवां स्थापना दिवस समारोह संपन्न

लखनऊ। समाज में ब्लड बैंक की नितांत आवश्यकता होती है,ब्लड बैंक होने से तमाम गंभीर मरीजों को तत्काल खून चढ़ाकर बचाया जा सकता है। इस तरह के कार्यक्रम से जागरूकता बढ़ती है, इस तरह के कार्यक्रम होने देना चाहिये। कम संसाधन में 66 हजार ब्लड यूनिट सप्लाई करने वाले इस ब्लड बैंक को बधाई देता हूॅ। यह बात चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के आठवें स्थापना दिवस अवसर पर आयोजित समारोह में कही।

ब्राउन हाल में आयोजित कार्यक्रम में श्री टंडन ने कहा कि इस ब्लड बैंक से आने वाले सभी प्रस्तावों को गंभीरता से लिया जायेगा ताकि इस ब्लड बैंक की कार्य क्षमता बढ़ाई जा सके। कुलपति प्रो.एमएलबी भट्ट ने कहा कि किसी भी मेडिकल कॉलेज को मान्यता, ब्लड बैंक के लाइसेंस के बाद मिलती है, क्योंकि माना जाता है कि अच्छा ब्लड बैंक, बेहतर इलाज की संभावना को बढ़ाता है। रोजाना कई दर्जन ब्लड यूनिट सप्लाई करने वाला केजीएमयू का स्टेट ब्लड बैंक अपनी गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए तारीफ के काबिल है। ब्लड बैंक प्रभारी प्रो.तूलिका चंद्रा ने बताया कि यहां पर वर्ष में 66 हजार बोतल ब्लड एकत्र होता है, जबकि 50 हजार से ज्यादा आरबीसी और 39000 प्लेटलेट्स सप्लाई की जाती हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर नेट जांच होने की वजह से, खून से होने वाले खतरे लगभग खत्म हो चुके हैं। इस मौके पर अधिक से अधिक रक्तदान कराने वाले स्वैच्छिक रक्तदाताओं, स्वयं सेवी संस्थाओं और को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर क्वीन मैरी अस्पताल की एचओडी प्रो.विनीता दास, सीएमएस प्रो.एसएन संखवार समेत तमाम फै कल्टी मौजूद रही।

इनको मिला सम्मान

समारोह में कुल 95 लोगों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में लायंस क्लब, अवंती महिला विकास और सेवा संंस्थान आदि संस्थाओं को सम्मानित किया गया, जबकि रक्तदाता प्रेरक में डॉ.एच सेन, अवधेश नारायण आदि और स्वैच्छिक रक्तदाताओं में डॉ. इंदुशेखर पंचोली, डॉ.विनीत श्रीवास्तव आदि लोग शामिल रहे।