तनाव हो तो समस्‍या के बारे में न सोचकर उसके हल के बारे में सोचें

आईएमए में आयोजित सीएमई में दिये गये स्‍ट्रेस मैनेजमेंट के टिप्‍स  

डॉ शाजिया सिद्दीकी

 

लखनऊ। आजकल की जिन्‍दगी में शायद ही कोई ऐसा होगा जिसके पास समस्‍या न हो, हर व्‍यक्ति के पास कोई न कोई समस्‍या है, यह समस्‍या ही तनाव पैदा करती है, इसलिए आवश्‍यक है कि तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दिया जाये। तनाव होने पर इससे किस तरह निबटें इसके बारे में कन्‍सल्‍टेन्‍ट मनो‍वैज्ञानिक डॉ शाजिया सिद्दीकी ने रविवार को यहां आईएमए भवन में आयोजित स्‍टेट लेवल रिफ्रेशर कोर्स और सतत चिकित्‍सा शिक्षा कार्यक्रम में जानकारी दी।

 

डॉ शाजिया ने बताया कि अगर हम तनाव के कारणों के बारे में बात करें तो व्‍यक्ति का नजरिया, उसकी दिनचर्या में होने वाली अनेक बातों के कारण तनाव उत्‍पन्‍न हो जाता है, लेकिन आवश्‍यक यह है कि इस तनाव के कैसे निपटें, इसके लिए लोगों को चाहिये कि दोस्‍तों से मिलें, व्‍यायाम करें, फन क्‍लब चले जायें, ऐसे मित्रों से दोस्‍ती रखें जिनका स्‍वभाव आपके स्‍वभाव से मिलता हो, अच्‍छी नींद लें, अच्‍छा भोजन करें और सबसे बड़ी बात है कि समस्‍या के बारे में बतायें जरूर।

 

उनहोंने कहा कि होता यह है कि जब किसी प्रकार की समस्‍या आती है तो हम समस्‍या के बारे में सोचने लगते हैं, जबकि होना यह चाहिये कि जो समस्‍या है, उसके बारे में न सोचें बल्कि उसके समाधान के बारे में सोचें कि इसका हल कैसे निकाला जाये। चुपचाप बैठकर चिंता करने से कुछ नहीं होगा, इस समस्‍या से निपटने के लिए हल क्‍या निकाला जाये, इसके लिए अपने मित्रों की मदद भी ले सकते हैं।