स्वास्थ्य मंत्री ने बलरामपुर अस्पताल में कसे डॉक्टरों के पेंच

बलरामपुर अस्पताल में निरीक्षण के दौरान रसोई में दाल की जांच करते स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह।

लखनऊ। एक दिन पहले ही केजीएमयू में चिकित्सकों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम के स्वास्थ्य विभाग के सिपहसालार ने निरीक्षण करते हुए आज प्रदेश के सबसे बड़े रेफरल हॉस्पिटल बलरामपुर अस्पताल के पेंच कसे। मंत्री के आने की सूचना के बाद रगड़-रगड़ कर करायी गयी सफाई के बीच मंत्री जी ने खामियां निकाल ही लीं। साथ ही मरीजों की देखभाल को लेकर सख्त हिदायत दे चुकी सरकार ने एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से पीडि़त दो बच्चों की मौत पर नाराजगी जतायी।

एईएस पीडि़त बच्चों की मौत के जांच के आदेश

स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंह ने बीते दिनो पीजीआई और केजीएमयू से रेफर होकर आने वाले एईएस पीडि़त बच्चों की मौत के कारणों की जानकारी मांगी तो डॉक्टर बगले झांकने लगे, डॉक्टर ने बताया कि बच्चे देर से अस्पताल पहुंचे थे जिसकी वजह से इलाज के लिए  पर्याप्त समय नही मिला। मगर स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टरों की बातों से संतुष्ट नही हुये, उन्होंने दोनो बच्चों की मौत के कारणों की जांच के आदेश दिये, उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी डॉक्टर या कर्मचारी को बख्शा नहीं जायेगा।

अस्पताल में वेंटीलेटर व एमआरआई की सुविधा भी शुरू होगी

प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने आज बलरामपुर हॉस्पिटल पहुंचकर एक-एक चीज का बारीकी से निरीक्षण किया।  उन्होंने अस्पताल के अपग्रेडेशन के साथ ही यहां एमआरआई तथा वेंटीलेटर की स्थापना हेतु तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

सभी चिकित्सालयों में डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के बेड आरक्षित करें

श्री सिंह ने प्रदेश के समस्त चिकित्सालयों में डेंगू, मलेरिया तथा चिकनगुनिया के रोगियों के लिए बेड अलग से आरक्षित किए जाएं। इसके अलावा अभी से ही इन रोगियों के लिए अस्पतालों में बेडों की संख्या में भी वृद्धि की जाए, ताकि किसी भी मरीज को अनावश्यक रूप से इधर-उधर न भटकना पड़े। उन्होंने गत दिवस डायरिया से हुई दो बच्चों की मृत्यु पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए चिकित्सकों को सख्त हिदायत दी कि बच्चों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही नही बरती जानी चाहिए।

मंत्री के आने की सूचना के बाद बलरामपुर अस्पताल की रगड़-रगड़ कर सफाई करवाई अस्पताल प्रशासन ने।

इमरजेंसी सेवाओं के लिए 24 घंटे चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो

श्री सिंह ने आज स्थानीय बलरामपुर चिकित्सालय का निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में मिल रही समस्त चिकित्सकीय सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सालय में कार्यरत वार्ड ब्वॉय से लेकर समस्त स्टाफ के बारे में भी जानकारी ली। श्री सिंह ने बलरामपुर चिकित्सालय के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अस्पताल में आकस्मिक सेवा के लिए 24 घण्टे चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि रेफर होकर तथा एम्बुलेंस सेवा से आने वाले मरीजों के अलावा सीधे आने वाले मरीजों के उपचार की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।  उन्होंने अस्पताल में एमआरआई और वेंटीलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा।

ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा देने के निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने बलरामपुर चिकित्सालय के नये भवन में संचालित ओपीडी काउंटर का निरीक्षण करने के दौरान कहा कि मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए नये काउंटर तत्काल खोले जाएं। उन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी सुलभ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा ओपीडी पूछताछ केन्द्र को और प्रभावी बनाया जाए। साथ ही काउंटर पर यहां तैनात चिकित्सकों तथा स्टाफ के मोबाइल नम्बरों को भी प्रदर्शित किया जाए।

मरीजों और चिकित्सकों की सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त करें

उन्होंने चिकित्सालय में आने वाले मरीजों एवं चिकित्सकों की सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त करने पर जोर दिया। श्री सिंह ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई के बेहतर बंदोबस्त पर बल दिया। बाथरूम में लगी पुरानी टाइल्स को तत्काल बदलकर नई टाइल्स लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सालय में लगे पुराने एसी को भी तुरंत बदलने के निर्देश दिए।
इस मौके पर सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वी हेकाली झिमोमी, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. ईडब्ल्यू सिद्दीकी एवं डॉ. राजीव लोचन सहित अन्य चिकित्सक एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।