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जांघों तक लटक चुके हर्निया का तीन विधियों से जटिल ऑपरेशन

चार-पांच वर्ष पूर्व अंतिम संतान होने के बाद से महिला को शुरू हो गयी थी हर्निया की परेशानी, लापरवाही के चलते बढ़ता गया हर्निया, उठना-बैठना, चलना-फिरना हो गया था दूभर

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। बाराबंकी की रहने वाले 42 वर्षीय महिला का जांघों तक लटक चुके पेट का ऑपरेशन करके बढ़ा हुआ हर्निया निकाला गया, हर्निया इतना बढ़ गया था कि आंतें बाहर आ गयी थीं, सर्जरी की जटिलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की हर्निया जैसे ऑपरेशन को करने में 3 तरह की तकनीक का प्रयोग किया गया।

सफल ऑपरेशन करने वाले सर्जन डॉ आरबी सिंह मौजूदा समय में हिंद हॉस्पिटल में सेवाएं दे रहे हैं। डॉक्टर आरबी सिंह ने बताया कि 42 वर्षीया महिला 3 दिन पहले भर्ती हुई थी। महिला की समस्या विचित्र टाइप की थी। उसको समस्या तो हर्निया की थी लेकिन हर्निया इतना बढ़ गया था कि पेट में नीचे की तरफ करीब 4 किलो से ज्यादा वजन और 9 इंच लंबाई का पेट का हिस्सा लटक रहा था। डॉ सिंह ने बताया जब जांच की गई तो पता चला कि उसे हर्निया की शिकायत है। पेट के बड़े हिस्से में हर्निया का फैलाव हो चुका है जिस कारण पेट लटका हुआ है इसकी वजह से मरीज का उठना-बैठना, चलना-फिरना दूभर हो गया था।

डॉ सिंह ने बताया कि बीती 8 सितम्‍बर को मरीज का 3 चरणों में तीन विधियों हरनियोटोमी, हरनियोराफी और मैश हरनियोप्लास्टी से सफलतापूर्वक सर्जरी की गई। उन्होंने बताया कि मरीज अब ठीक है और उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। मरीज के तीमारदार भी ऑपरेशन से संतुष्ट बताये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महिला का अंतिम बच्चा चार-पांच वर्ष पूर्व सिजेरियन हुआ था, तब से लगातार हर्निया बढ़कर जांघों तक लटक गया था। डॉ सिंह ने बताया उनके साथ एनेस्थीसिया मैं डॉ निशात नसर तथा सर्जन मोहम्मद फैजल एवं डॉ रवींद्र तथा ओटी असिस्टेंट नीरज शामिल रहे।

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