किसी भी तरह की दुर्घटना में शुरुआत का आधा घंटा बहुत महत्वपूर्ण

KGMU इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग की कार्यशाला में बताये गए गुर

लखनऊ।  किसी भी प्रकार की दुर्घटना में दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की जान के लिए शुरुआत का आधा घंटा अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे मरीजों के उपचार में किस प्रकार की सावधानियां बरतनी चाहिए, इसके बारे में KGMU इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग द्वारा आयोजित कार्यशाला में जानकारी दी गयी। शुक्रवार को कलाम सेंटर में तीसरे वार्षिक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन Recent Amelioration Of First Aid विषय पर आयोजित किया गया।

 

कार्यशाला में फर्स्ट एड के विभिन्न आयामों एवं इसमे हो रहे विभिन्न सुधारो को ब्यक्तिगत प्रशिक्षण, अतिथि ब्याख्यानों एवं प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षित किया गया।कार्यशाला में प्रो0 मधुमति गोयल ने कहा कि नर्सिंग प्रोफेशनल्स ऐसे लोग होते हैं जिनको किसी भी आकस्मिक दुर्घटना आदि के मरीजो को सबसे पहले फर्स्ट ऐड देना पड़ता है इसलिए नर्सिंग प्रोफेशनल को फर्स्ट एड के विभिन्न आयामों एवं इसमें हो रहे विभिन्न सुधारों को जानना अति आवश्यक है।

डॉ0 समीर गुप्ता ने बताया कि किसी भी केजुअल्टी या दुर्घटना में पहले आधे घंटे काफी महत्वपूर्ण होते है। ऐसी परिस्थिति में अगर मरीजो को सही फर्स्ट एड मिल जाए तो उनके बचने की संभावना बढ़ जाती है।

प्रो0 रश्मि ने बताया फर्स्ट एड मेडिकल ट्रीटमेंट से पहले दिया जाने वाला ट्रीटमेंट है, जो मरीजो की जीवन रक्षा में अहम योगदान देता है। यदि कोई व्यक्ति किसी मार्ग दुर्घटना में घायल हो गया हो तो सबसे पहले यह देखते है कि वह कि चैतन्य है या नही, चैतन्य नही है तो वो ठीक से श्वास ले पा रहा है कि नही, उसका पल्स चेक करना कि सामान्य है या नही, उसके श्वसन तंत्र में कोई रुकावट तो नही, कोई बाहरी मटेरियल उसके मुख अथवा श्वसन तंत्र में तो नही फंसा है, मरीज को सही पोजीशन में लेटना अगर जरूरत है तो मरीज को CPR देना, अगर मरीज श्वास लेने में असमर्थ हो तो उसे ब्रीथिंग कराना आदि।

कार्यशाला में प्रोफेसर संदीप तिवारी संकाय प्रभारी ट्रामा सेंटर केजीएमयू एवं विभागाध्यक्ष ट्रामा सर्जरी विभाग द्वारा रोड साइड एक्सीडेंट के दौरान मरीज को बेहोशी की हालत में फर्स्ट ऐड कैसे दिया जाए इस संबंध में बताया गया और अन कॉन्शियस कैजुअल्टी में तुरंत कैसे उपचार दिया जाए इसके संबंध में बताया गया । प्रो0 तिवारी द्वारा मरीज की रिकवरी पोजीशन के संबंध में डेमोंस्ट्रेशन करके दिखाया गया और डमी पर सीपीआर करके बताया गया।

उपरोक्त कार्यशाला में प्रो0 ए0के0 सिंह, विभागाध्यक्ष, प्लास्टिक सर्जरी विभाग, केजीएमयू, द्वारा बर्न पेशेंट को किस प्रकार फर्स्ट एड प्रदान किया जाए के संबंध में बताया गया। प्रो0 सिंह ने केमिकल बर्न, रोड साइड आग से बर्न मरीजो एवं LPG गैस से जले हुए मरीजो को क्या प्राथमिक उपचार दिया के संबंध में बताते हुए कहा गया कि ऐसे मरीजों के घावों को साफ पानी से धुलना चाहिए।

रेड क्रॉस सोसाइटी की तरफ से नीरज धर जयाल एवं प्राची भटनागर द्वारा व्याख्यान दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो मधुमति गोयल ने किया । कोर्स डायरेक्टर रश्मि पी जान ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी सुधा मिश्रा ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी रीना राज, शिखा मलिक तथा सुमन लता है। कार्यशाला मैं 550 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।

 

कार्यक्रम में अधिष्ठात्री नर्सिंग संकाय प्रो0 मधुमति गोयल, सह अधिष्ठात्री नर्सिंग संकाय प्रो0 पुनीता मानिक, सहायक अधिष्ठाता, डॉ0 समीर गुप्ता, कार्यकारी प्रिंसिपल नर्सिंग संकाय प्रो0 रश्मि पी जॉन उपस्थित रहे। कार्यशाला में KGMU इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एवं सम्बद्ध नर्सिंग कॉलेजो के विभिन्न नर्सिंग विद्यार्थियों के साथ नर्सिंग के संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।