अच्छी पुस्तकें जीवन देव प्रतिमाएं : उमानंद शर्मा

267वां वांग्मय साहित्य की स्थापना की गयी

लखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत रजत वीमेन्स कॉलेज ऑफ एजुकेशन एण्ड मैनेजमेन्ट कमता लखनऊ के केन्द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 70 खण्डों का 267वां वांग्मय साहित्य की स्थापना की गयी।

यह साहित्य बीपी सविता ने अपने स्व. पिता-पिता की स्मृति में संस्थान के पुस्तकालय को वांग्मय एवं सभी छात्र-छात्राओं को ने व्यक्तिगत रूप से ‘अखण्ड ज्योति’ पत्रिका भेंट की।

इस अवसर पर वांग्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने रखते हुए वांग्मय साहित्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘अच्छी पुस्तकें जीवन देव प्रतिमाएँ हैं, जिनकी आराधना से तत्काल प्रकाश एवं उल्लास मिलता है।’ श्री शर्मा ने बताया कि इस वर्ष के अन्त तक 301 विभिन्न संस्थानों के पुस्तकालयों में ऋषि वांग्मय स्थापना का लक्ष्य निर्धारित है।

इस अवसर पर उमानंद शर्मा, डॉ. नरेन्द्र देव, डॉ. अनिल भटनागर, आरके चौहान, पूरन चन्द्र बेलवाल, सहित संस्थान के चेयरमैन डॉ. आरजे सिंह रजत सहित सभी संकाय सदस्य एवं छात्राएं सभागार में उपस्थित थे।