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उत्‍तर प्रदेश को व्‍यसन मुक्‍त प्रदेश घोषित करने की मांग उठायेगा गायत्री परिवार

 

साल भर से चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान, अप्रैल में सौंपा जायेगा ज्ञापन

लखनऊ। युग परिवर्तन के अपने उद्देश्‍य के तहत गायत्री परिवार अपनी जिम्‍मेदारी निभाते हुए युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए उत्तर प्रदेश को व्यसन मुक्त प्रदेश घोषित करने की माँग राज्य सरकार से करने जा रहा है।

 

यह जानकारी आज यहां प्रेस क्‍लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में गायत्री परिवार की ओर से दी गयी। पत्रकार वार्ता में उपस्थित शान्ति कुन्ज के प्रतिनिधि डा.बृजमोहन गौड़, केपी दूबे, रामयश तिवारी,  योगेश शर्मा के साथ ही मीडिया प्रभारी उमानंद शर्मा भी उपस्थित रहे। पत्रकार वार्ता में बताया गया कि आज कल देश का जन-साधारण भी देश के विकास में अपनी भूमिका सुनिशिचत करके सजग हो चला है। अखिल विश्व गायत्री परिवार राष्ट्र निर्माण के इस यज्ञ में अपनी आहुति देने हेतु कार्य कर रहा है। हमारा विश्वव्यापी संगठन हरिद्वार स्थित अपने केन्द्र शान्तिकुंज से इस दिशा में विविध अभियानों के माध्यम से युगपरिवर्तन का कार्य संचालित कर रहा है।

 

गायत्री परिवार के संस्थापक युग ऋषि पं.श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माता भगवती देवी शर्मा ने युग परिवर्तन के लिए व्यक्ति, परिवार, समाज, राष्ट्र निर्माण एवं विचार क्रान्ति का अमोघ अस्त्र सौंपा है। दुनिया की किसी भी समस्या का समाधान इस विचार क्रान्ति के माध्यम से स्थायी रूप से हो सकना सम्भव है। हमारा देश इन दिनों युवा शक्ति का भण्डार है। अतः युवा जागेगा, प्रगतिशील बनेगा तो राष्ट्र भी प्रगति पथ पर आगे बढ़ेगा। देश में लगभग 75प्रतिशत युवा आबादी है, पर बड़ी विडम्बना है कि लगभग 56 प्रतिशत युवा आबादी किसी न किसी नशे में लिप्त है। पिछले 20 वर्षों में जिस तरह कैंसर के मरीजों एवं कैंसर हास्पिटलों की संख्या बढ़ रही है, यह चिन्ताजनक विषय है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा 2030 तक भारत में 40लाख मरीज कैंसर से पीड़ित होंगे और डाक्टरों के अनुसार 65 प्रतिशत कैंसर के मरीज केवल नशे (तम्बाकू, गुटखा, शराब आदि) के कारण हैं। बच्चों को यह जहर आसानी से मिल जाता है। छोटे-छोटे अपराध केवल नशे की पूर्ति के लिए किये जाते हैं, छोटे-छोटे शहरों के परिजन अपनी बेटियों को इसलिए घर से पढ़ने नहीं भेजते क्योंकि गली मोहल्ले में खुली शराब की दुकानों पर असभ्य व्यक्ति बुरी नजर के साथ घूरते मिलते हैं।

 

यह भी बताया कि बलात्कार के आकड़े भी यह समझाते हैं कि ज्यादातर व्यक्ति शराब पीकर घटना को अंजाम देता है। सड़क दुर्घटनाओं में भी नशा मुख्य कारण होता है। स्वच्छ भारत के सपने में सबसे बड़ा अवरोध यह पान/गुटखा की गंदगी है। नशे की लत लगती मौज-मस्ती के लिए है पर मेहनत की कमाई को नाले में बहा देती है। गाँव में अक्सर किसान कर्ज नहीं चुका पाता है और व्यसन में धन बहा देता है। पंजाब और दिल्ली की स्थिति देखकर यह लगता है कि यदि प्रदेश में अभी व्यसन के प्रति लोगों को जागरूक नहीं किया गया तो स्थित बहुत ही भयावह हो सकती है।

 

यह आज के युग की पुकार है कि व्यसन से बचें सृजन में लगें और धन को भी व्यसन से बचायें और सृजन में लगायें।  पिछले एक वर्ष से उत्तर प्रदेश में गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के द्वारा पूरे प्रान्त के 75 जिलों में दौरा कर हस्ताक्षर अभियान, जन-जागरण, लोक जागरण का कार्य सतत चलाया जा रहा है। इस अभियान में लगभग 1करोड़ व्यक्तियों से सम्पर्क कर संकल्पित कराके हस्ताक्षर कराये जा रहे हैं, जो 8 अप्रैल को लखनऊ के रमाबाई रैली मैदान में लगभग 1लाख लोगों की उपस्थिति में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ प्रणव पाण्डया द्वारा प्रदेश को पूर्ण रूप से व्यसन मुक्त घोषित करने का ज्ञापन सौंपेंगें।

 

2017 में वसंत पंचमी पर्व से गायत्री परिवार के युवा प्रकोष्ठ के वरिष्ठ पदाधिकारी कैलाश नारायण तिवारी,  प्रभाकर सक्सेना, आदित्य पाण्डेय, जय प्रकाश वर्मा, अतुल सिंह, अनिल श्रीवास्तव आदि के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में दौरा कर विद्यालयों में, सार्वजनिक स्थानों में, संस्थानों में गोष्ठियाँ कर, नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से व्यसन त्यागने का जन-जागरण अभियान सतत चल रहा है। इस अभियान की  पूर्णाहुति 8 अप्रैल को लखनऊ के रमाबाई मैदान में पूरे प्रदेश के गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में होगी।

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