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निजी अस्‍पताल में मारपीट-तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ एफआईआर

-पीडि़त डॉक्‍टर के साथ आयी आईएमए, तत्‍काल गिरफ्तारी के साथ ही प्राइवेट कोविड अस्‍पतालों की सुरक्षा की मांग

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो
लख्नऊ।
अर्जुनगंज स्थित एडवांस न्यूरो एंड जनरल हॉस्पिटल में तोड़फोड़ करने वाले मृतका के पति समेत तीमारदारों के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज की गई। अस्पताल संचालक डॉ.विनोद तिवारी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) लखनऊ की मांग पर लखनऊ में कोविड की वरिष्ठ नोडल अधिकारी डॉ.रोशन जैकब के निर्देश के बाद दर्ज की गयी है। घटना सीसीटीवी में कैद हो गयी है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ.रमा श्रीवास्तव ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल कोविड मरीजों का पूरे मनोयोग के साथ इलाज कर रहें हैं, उन्‍होंने कहा कि भर्ती होने वाले अधिकांश मरीज ठीक हो जाते हैं, मगर कुछ गंभीर मरीजों की मृत्यु भी हो जाती है। उन्‍होंने बताया कि ऐसी ही एक अतिगंभीर हालत में लायी गयीं मरीज शैला तिवारी ने अस्‍पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

डॉ रमा ने बताया कि महिला की मृत्‍यु के बाद साथ में आये परिजनों ने अस्‍पताल में तोड़फोड़ और मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्‍टर, नर्स, रिसेप्‍शनिस्‍ट सहित जो भी कर्मी सामने दिखा, उसे बहुत मारा, साथ ही धमकी भी दी। डॉ रमा ने बताया कि हैरत वाली बात यह है कि मारपीट और तोड़फोड़ करने वालों में पुलिस का कोई खौफ नहीं था, पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही। उन्‍होंने कहा कि तीमारदारों ने अस्पताल में पुलिस कर्मियों के समक्ष जो तोड़फोड़ और मौजूद स्टाफ के साथ मारपीट व धमकी देने का कृत्य किया है, वास्तव में अत्यंत निंदनीय है। पुलिस के सामने के अगर डॉक्टर व अस्पताल कर्मी पिटेंगे तो प्राइवेट अस्पताल में गंभीर मरीजों का इलाज करना कठिन हो जायेगा। आईएमए ने इस मुद्दे पर पदाधिकारियों की बैठक कर घटना की निंदा करते हुए आरोपी तीमारदारों को महामारी एक्ट व मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि घटना की जांच कराकर दोषियों पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाये।

सचिव डॉ.जेडी रावत ने कहा कि ओरोपियों से अस्पताल में होने वाले नुकसान की भरपाई करायी जाये और प्रदेश के समस्त निजी कोविड अस्पतालों को सुरक्षा प्रदान की जाये।