टुकड़े-टुकड़े हो चुकीं चेहरे की हड्डियों को फिर से जोड़ा

राहुल सर्जरी से पहले

केजीएमयू में आधुनिक एओ तकनीक से हो रही सर्जरी

लखनऊ। एक दुर्घटना में बुरी तरह टुकड़े-टुकड़े हो चुकीं चेहरे की और आंखों को सुरक्षित रखने वाली हड्डियों को सर्जरी करके किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के चिकित्सकों ने पुन: पहले जैसा बना दिया है। यहां के मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के हेड प्रो.शादाब मोहम्मद और टीम ने 29 और 45 वर्षीय व्यक्तियों के चेहरे की एओ प्लेटिंग तकनीक से सर्जरी करके मरीजों को नया जीवन दिया है।

राहुल सर्जरी के बाद
प्रो.शादाब मोहम्मद

दुर्घटना से दोनों व्यक्तियों के चेहरे हो गये थे क्षत-विक्षत

लखनऊ के रहने वाले 29 वर्षीय राहुल और इटावा के रहने वाले 45 वर्षीय दलबीर सिंह की दुर्घटना में चेहरे व आंखों के चारों ओर की हड्डियां क्षत-विक्षत हो गयी थीं। दोनों ही मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद केजीएमयू रेफर किया गया था। यहां डॉ शादाब मोहम्मद ने मरीजों को देखा तथा उनकी आवश्यक जांचें करवा कर सर्जरी प्लान की। स्थिति यह थी मरीजों के ऊपर और नीचे के दोनों जबड़े टूटने के कारण उन्हें खाने-पीने में अत्यंत कठिनाई हो रही थी। तीन दिन पहले दोनों मरीजों की एओ प्लेटिंग तकनीक से सर्जरी की गयी जो कि सफल रही। इस तकनीक से सर्जरी करके हड्डियों को वापस अपनी जगह जोड़ा गया।

दलबीर सिंह सर्जरी से पहले

क्या है एओ तकनीक

डॉ शादाब मोहम्मद ने बताया कि एओ प्लेटिंग ऐसी आधुनिक तकनीक है जिसकी सहायता से चूर-चूर हुई या कई खंडों में टूट चुकी हड्डियों को वापस जोड़ा जा सकता है और मरीज तुरंत ही खाने-पीने और रोज की दिनचर्या करने लगता है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से उपचार में जबड़ों को बांधना भी नहीं पड़ता है। उन्होंने बताया कि यह आधुनिक तकनीक अत्यंत सफल है और वह इस तकनीक से भविष्य में भी मरीजों का इलाज करते रहेंगे।

दलबीर सिंह सर्जरी के बाद

उन्होंने बताया कि इस सर्जरी में उनके साथ अन्य चिकित्सकों में डॉ तस्वीर फातिमा, डॉ संजीव कुमार, डॉ वैभव, डॉ रुबीन, डॉ रूप, डॉ विनोद शुक्ला तथा बेहोशी के डॉ. तन्मय तिवारी शामिल रहे।