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ऑटोकट के बाद भी बायलर में प्रेशर बढ़ते रहना किसी बड़ी चूक की ओर इशारा

 

कुल मिलाकर मृतकों के परिजनों को 24 लाख, गंभीर घायलों को 11 तथा मामूली घायलों को 2 लाख का मुआवजा

लखनऊ. एनटीपीसी ऊंचाहार रायबरेली में बायलर फटने की घटना में चूक किस स्तर पर हुई है क्योंकि शटडाउन होने के बाद भी बायलर में प्रेशर बढ़ते रहना किसी न किसी बड़ी चूक की ओर इशारा कर रहा है. इसकी जांच के लिए एनटीपीसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एसके रॉय की अध्यक्षता में समिति गठित की गयी है, यह कमेटी 30 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी. यह जानकारी केन्द्रीय मंत्री डॉ. आरके सिंह ने आज यहाँ डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में अपने दौरे के समय पत्रकारों से बातचीत में दी.

केंद्रीय मंत्री के साथ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा तथा मंत्री श्रीकांत शर्मा भी उपस्थित रहे. केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा कि वह आज सुबह घटना स्थल का दौरा कर घटना के कारणों को जानने की कोशिश की. उन्होंने बताया के यह गहन जांच का विषय है कि जब बायलर में प्रेशर ज्यादा हो जाता है तो ऑटो कट हो जाता है, और बताया जा जा रहा है कि ऑटो कट हुआ भी. लेकिन फिर भी बायलर का प्रेशर बढ़ता गया इसका मतलब है कि कहीं तो चूक है, यही बात जांच कमेटी पता लगाएगी. उन्होंने बताया कि मुआवजे के तौर पर मृतकों के परिजनों को कुल 24 लाख, गंभीर घायलों को 11 लाख तथा साधारण घायलों को 2 लाख रूपए मुआवजे के तौर पर दिए जायेंगे. इस रकम में मृतक के परिजनों को 20 लाख एनटीपीसी की ओर से तथा 2-2 लाख रूपए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहतायता कोष से दिए जायेंगे. इसी प्रकार गंभीर घायलों को एनटीपीसी की ओर से 10-10 लाख तथा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कोष से 50-50 हजार रूपए की सहायता दी जायेगी जबकि मामूली घायलों को एनटीपीसी 2 लाख रूपए की सहायता देगा.

उन्होंने बताया कि इस हादसे में अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है तथा 59 घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है. इसके पूर्व आज दिन भर मंत्रियों और अन्य लोगों का आना जाना लगा रहा.

 

 

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